मुख्यमंत्री चिरंजीवी जीवन रक्षा योजना क्या है? 5000 रुपये कैसे मिलेंगे

Mukhyamantri Chiranjeevi Jeevan Raksha Yojana 2023 (मुख्यमंत्री चिरंजीवी जीवन रक्षा योजना) : अभी तक के अगर आंकड़े देखे जाएँ तो भारत मे सड़क दुर्घटना मे मरने वाले व्यक्ति सबसे ज्यादा है क्योंकि भारत मे सड़क दुर्घटना होने पर घायल को सही समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जाता। इसका कारण है कि लोग मुक़दमेबाज़ी से डरते है और साथ ही साथ कोई अपना समय खराब नहीं करना चाहता है। इसी बात को ध्यान मे रखते हुए राजस्थान सरकार ने एक बहुत अच्छी पहल की है, मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने, चिरंजीवी जीवन रक्षा योजना की शुरुआत की है। इस योजना का उद्देश्य घायल को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना है और सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त हुए व्यक्ति को जल्दी से जल्दी अस्पताल पहुंचाया जा सके उसके लिए उन लोगों को इनाम मे 5000 रुपये की राशि दी जाएगी जो उस घायल को अस्पताल समय पर पहुंचाएगा। Mukhyamantri Chiranjeevi Jeevan Raksha Yojana 2023 एक बहुत ही अच्छी स्कीम है जिसके तहत लोगों को इनाम राशि का प्रलोभन देकर उनको घायल की मदद करने के लिए उत्साहित करना है, साथ ही उन्हें सरकार की ओर से प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री चिरंजीवी जीवन रक्षा योजना के बारे मे अधिक जानकारी के लिए इस पोस्ट को अंत तक पूरा ज़रूर पढ़ें।

Chiranjeevi Yojana Rajasthan

Chiranjeevi Jeevan Raksha Yojana

इस योजना की मुख्य विशेषता यह है कि देश के किसी भी हिस्से मे रहने वाला व्यक्ति राजस्थान में सड़क दुर्घटना में घायल किसी भी व्यक्ति को आपातकालीन चिकित्सालय पहुंचाता है, तो वह इस योजना के अंतर्गत 5000 रुपये की पुरस्कार राशि प्राप्त करने के योग्य होता है। 

मुख्यमंत्री चिरंजीवी जीवन रक्षा योजना क्या है? Chiranjeevi yojana kya hai

चिरंजीवी जीवन रक्षा योजना को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के के कर कमलों द्वारा शुरू किया गया है। इस योजना के तहत ऐसा व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह जो सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त हुए व्यक्ति को तुरंत नजदीकी आपातकालीन चिकित्सा केंद्र मे ले जाता है उसको 5000 रुपये की पुरस्कार राशि और सम्मान के रूप में प्रशस्ति पत्र भी दिया जाता है। इसके अलावा पुलिस के द्वारा घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति से कोई पूछताछ नहीं की जाएगी। इस योजना का उद्देश्य राज्य मे सड़क हादसों मे होने वाली मौतों का ग्राफ कम करना है और ये सुनिश्चित करना है कि किसी भी वजह से सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त हुए व्यक्ति को लोगों द्वारा जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया जाये ताकि उनको समय पर इलाज मिले और उनकी जान को बचाया जा सके. डब्ल्यूएचओ की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत मे सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त हुए आधे से ज्यादा लोगों कि मृत्यु का कारण समय पर इलाज का ना मिलना है।

➡️योजना का नाममुख्यमंत्री चिरंजीवी जीवन रक्षा योजना
➡️योजना का शुभारंभराजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत जी द्वारा
➡️योजना के शुभारंभ की तिथि16 सितंबर
➡️लाभ किनको मिलेगासड़क पर दुर्घटनाग्रस्त हुए व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले लोग
➡️योजना का उद्देश्यदुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना
➡️राज्य जिसमे शुरू की गयीराजस्थान
➡️योजना श्रेणीराज्य सरकार की योजना
➡️इनाम मे मिलने वाली राशि5000 रुपये और प्रशस्ति पत्र
➡️आवेदन कैसे होगाऑफलाइन
➡️इनाम कहा से मिलेगाकैजुअल्टी मेडिकल ऑफिस

Chiranjeevi Jeevan Raksha Yojana के अंतर्गत मदद करने वाले व्यक्ति को इनाम के लिए कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिस मे संपर्क करना होगा

अगर कोई व्यक्ति किसी सड़क पर घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचता है तो उसे अपनी इनाम की राशि पाने के लिए सेटबैक क्लिनिकल अधिकारी को इस बारे मे पूरी सूचना देनी होगी। जीवन रक्षा योजना के तहत इनाम के लिए सीएमओ द्वारा अमुक व्यक्ति का नाम, सही स्थान, मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट का विवरण लिया जाएगा। सभी जानकारी लेने के बाद सीएमओ द्वारा इस बात की जांच की जाएगी कि क्या वह व्यक्ति किसी घायल को अस्पताल लाया है या नही, भले उस घायल व्यक्ति की हालत गंभीर हो या फिर उसको इलाज दिया जा रहा हो। सभी जांच करने के बाद, यदि ये साबित होता है कि व्यक्ति द्वारा बताई गयी सभी जानकारी सही है और वह व्यक्ति वाकई किसी व्यक्ति को इलाज के लिए लाया है तो सीएमओ द्वारा उसको 5000 रुपये का नकद पुरस्कार और एक प्रशस्ति पत्र दिया जाता है।

मुख्यमंत्री चिरंजीवी जीवन रक्षा योजना का उद्देश्य

हमारे देश मे अधिकतर यह देखा जाता है कि सड़क पर यदि कोई व्यक्ति दुर्घटनाग्रस्त होता है तो आसपास वाले व्यक्ति मामले की गंभीरता को देखते हुए केवल पुलिस के आने का इंतज़ार करते है जबकि उनको सबसे पहले उस व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने का प्रयास करना चाहिए। इसका कारण कानून व्यवस्था का जटिल होना है, लोग डर जाते है कि कहीं उनको ही इस घटना का जिम्मेदार ना बना दिया जाये साथ ही साथ लोगों को अपने बेकार होने वाले समय कि भी चिंता रहती है कि अगर वह अस्पताल गए तो उनका समय खराब होगा और जो काम वह कर रहे है वह वो नहीं कर पाएंगे और उनकी कमाई नहीं हो पाएगी। इनही सब बातों को ध्यान मे रखते हुए राजस्थान सरकार ने अपने राज्य में मुख्य पादरी चिरंजीवी जीवन रक्षा योजना को शुरू किया है. इस योजना के जरिये सड़क पर घायल हुए व्यक्ति को आपातकालीन चिकित्सालय पहुंचाने वाले व्यक्तियों को 5000 रुपये नकद और एक प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। यह राशि उन लोगों को सम्मान के रूप मे दी जाती है साथ ही ये भी सुनिश्चित करती है कि पुलिस ऐसे लोगों से बेवजह की पूछताछ ना करे। इस योजना के द्वारा यह लक्ष्य निर्धारित किया गया है कि सड़क दुर्घटना मे होने वाली मौतों को कम से कम किया जाये।

Mukhyamantri Chiranjeevi Jeevan Raksha Yojana 2023 के लाभ

  • मुख्यमंत्री चिरंजीवी जीवन रक्षा योजना का फायदा उन लोगों को दिया जाएगा जो सड़क पर घायल हुए किसी भी व्यक्ति को जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल पहुंचाए।
  • सड़क दुर्घटना मे घायल हुए व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति से पुलिस (जब तक ज़रूरी ना हो) कोई पूछताछ नहीं करेगी।
  • इनामी राशि के लालच और पुलिस की पूछताछ के डर से बचाव के कारण लोग घायल व्यक्तियों को समय से अस्पताल पहुंचाएंगे और उनकी जान बच सकेगी।
  • इस योजना के माध्यम से जो लोग घायल को आकस्मिक चिकित्सालय मे ले जाएंगे उनको 5000 रुपये की इनामी राशि के साथ एक प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा।
  • एंबुलेंस, पुलिस की पीसीआर वैन और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी को इस योजना का लाभ नहीं मिलता है।
  • योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं मे होने वाली मृत्यु दर को कम करना है।

मुख्यमंत्री चिरंजीवी जीवन रक्षा योजना 2023 के अंतर्गत पात्रता

  • देश के किसी भी राज्य का कोई भी व्यक्ति जो राजस्थान मे हुए सड़क हादसे मे घायल व्यक्ति को जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल लाता है वह इस योजना के माध्यम से 5000 रुपये का पुरस्कार पाने का अधिकारी है।
  • सरकारी/प्राइवेट एंबुलेंस, पुलिस की पीसीआर वैन और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी इस योजना का लाभ उठाने के पात्र नहीं हैं।

मुख्यमंत्री चिरंजीवी जीवन रक्षा योजना 2023 के अंतर्गत आवेदन कैसे करें? Chiranjeevi yojana registration

  • यदि आपने किसी घायल को अस्पताल पहुंचाया है तो सबसे पहले आपको उस अस्पताल मे ड्यूटी पर तैनात कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर के पास जाना होगा।
  • मेडिकल ऑफिसर आपका पूरा नाम, पता, मोबाइल नंबर और बैंक खाते की जानकारी, घायल को कहाँ से लाया गया, कैसे उसको चोट लगी आदि लेगा।
  • आपके द्वारा दी गयी जानकारी को अस्पताल के सीएमओ द्वारा जांचा जाएगा जैसे सीएमओ जांच करेंगे कि व्यक्ति को जब अस्पताल लाया गया उसकी हालत कितनी गंभीर थी उसे तुरंत इलाज मिला या नहीं और उसकी अब क्या स्थिति है आदि।
  • उसके आधार पर सीएमओ एक रिपोर्ट तैयार करेगा और वह रिपोर्ट डायरेक्ट पब्लिक हेल्थ के पास भेजी जाएगी।
  • अगर आपके द्वारा दी गयी सभी जानकारी सही पायी जाती है तो आपको 5000 रुपये की पुरस्कार राशि एवं प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।
  • पुरस्कार कि राशि आपका क्लेम अप्रूव होने के 2 दिन के भीतर आपके बैंक खाते में ट्रान्सफर की जाएगी एवं प्रशस्ति पत्र आप्क द्वारा दिये गए पते पर स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजा जाएगा।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top