e-RUPI डिजिटल प्लेटफार्म : प्रक्रिया, उद्देश्य, मुख्य विशेषताएं

माननीय नरेन्द्र मोदी जी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद देश डिजिटल रास्ते पर चलने की एक अलग राह दिखाई है इसके चलते देश में हर चीज डिजिटल रूप में बदलती जा रही हैं। इस डिजिटल क्रांति में एक नया प्लेटफार्म जोड़ने की तैयारी कर दी गई है जिसकी घोषणा हमारे प्रधानमंत्री जी के द्वारा सोमवार 2 अगस्त शाम 4:00 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कर दी गई है। इससे एक डिजिटल पेमेंट प्लेटफार्म बनकर तैयार हो चुका है जो कि भारत के वित्तीय सेवा विभाग, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सहयोग से विकसित किया गया। e-RUPI प्लेटफार्म एक ऐसा प्लेटफॉर्म होगा जो पूरी तरह से डिजिटल होगा और यह डिजिटल पेमेंट के रूप में ही काम आएगा।

रविवार को उन्होंने अपने  ट्विटर अकाउंट के द्वारा प्रधानमंत्री जी ने यह जानकारी दी कि 2 अगस्त शाम 4:30 बजे E-RUPI डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया जाएगा । जिसके चलते इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का लाभ हमारे देश के हर उपभोक्ताओं को मिलेगा।

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e-RUPI क्या है?

2 अगस्त 2021 को हमारे माननीय प्रधानमंत्री जी के द्वारा एक डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया गया। जिसका नाम E-rupi डिजिटल प्लेटफॉर्म है। यह एक इस प्रकार का माध्यम है जिससे कैशलेस तथा संपर्क रहित कोई भी डिजिटल पेमेंट की जा सकती है। अगर साधारण भाषा में कहा जाए तो इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए सभी बैंकों के माध्यम से E-rupi जारी किए जाएंगे। यह एक इस प्रकार का वाउचर है जो की पूरी तरह से क्यूआरकोड या sms स्ट्रिंग पर आधारित है। और इसका उपयोग मोबाइल से ही किया जा सकेगा।

लेख का नाम ई-आरयूपीआई डिजिटल भुगतान
द्वारा लॉन्च किया गया भारत सरकार
लाभार्थी भारत के नागरिक
उद्देश्य डिजिटल भुगतान करने के लिए कैशलेस और संपर्क रहित साधन प्रदान करना
आधिकारिक वेबसाइट https://www.npci.org.in/
वर्ष  2021

e-RUPI का उपयोग

इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के कुछ महत्वपूर्ण उपयोग इस प्रकार हैं:-

  • डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद से जो भुगतान होगा वह प्रीपेड प्रकृति का होगा। इस भुगतान में किसी भी बीच के व्यक्ति की आवश्यकता नहीं होगी।
  • इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग भी उन महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए किया जाएगा जो आयुष्मान भारत तथा प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत आती है जैसे माँ और बाल कल्याण योजना आदि से सम्बन्धित सहायता के लिए।
  • इसके अलावा इस योजना में जो निजी क्षेत्र के लोग हैं वह अपने कर्मचारी कल्याण और कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारियों से संबंधित कार्य के लिए इस वाउचर से लाभ उठा सकते है
  • ये डिजिटल प्लेटफॉर्म हमारे देश की एक ऐसी पहल है जिसकी सहायता से कल्याणकारी सेवा का लीक प्रूफ क्रांतिकारी वितरण हो सकेगा।
  • कैशलेस और संपर्क रहित प्रणाली होने की वजह से पेमेंट के लिए यह सबसे आसान तरीका होगा। 

बाउचर को जारी करने की प्रक्रिया

ई-रूपी डिजिटल भुगतान प्रणाली को भारत के राशि भुगतान निगम के द्वारा विकसित किया गया एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है। यह प्लेटफार्म पूरी तरह से UPI मंच पर तैयार किया गया है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के अंतर्गत भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम बैंकों को शामिल करेंगे जो कि बाउचर जारी करने प्राधिकरण होंगे। ऑपरेटिंग सरकारी एजेंसी को किसी विशिष्ट व्यक्ति या उद्देश्य के लिए वाउचर जारी करना होगा तो उन्हें साझेदार बैंक( निजी और सार्वजनिक क्षेत्र) के दाताओं से भी संपर्क करना होगा. जिसके लिए भुगतान करना जरूरी है. इस प्लेटफार्म के अंतर्गत सभी लाभार्थियों की पहचान की जाएगी .जिस- जिस बैंक में वाउचर प्राप्त करना चाहते हैं आप उस बैंक की तरफ से उसके मोबाइल नंबर पर वाउचर के उपयोग की सभी जानकारी पहुंचा दी जाएगी

e-RUPI के उद्देश्य

इस डिजिटल भुगतान प्लेटफार्म का मुख्य रूप से उद्देश्य कैशलेस तथा संपर्क रहित भुगतान प्रणाली को विकसित करना है। डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद से हमारे देश का हर व्यक्ति कहीं भी बिना किसी कठिनाई के कहीं पर भी भुगतान की प्रक्रिया कर आसानी से कर सकता है। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म पेमेंट के लिए बहुत ही सुरक्षित है। जो की पूरी तरह से क्यूआर कोड तथा s.m.s. स्ट्रींग पर आधारित वाउचर का ही उपयोग कर सकता है जो कि मोबाइल के जरिए यूजर्स को प्राप्त होगा। इस प्लेटफार्म का उद्घाटन होने के बाद उपभोक्ता को अपने पेमेंट करने के लिए किसी भी प्रकार के कार्ड या डिजिटल भुगतान एप्लीकेशन या फिर इंटरनेट बैंकिंग एक्सेस की भी आवश्यकता पड़ती है। इसीलिए यह प्लेटफार्म बहुत ही सुरक्षित है।

ई-आरयूपीआई के साथ लाइव बैंकों की सूची

बैंकों का नाम जारीकर्ता अधिग्रहण ऐप प्राप्त करना
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया हाँ नहीं ना
भारतीय स्टेट बैंक हाँ हाँ योनो एसबीआई मर्चेंट
पंजाब नेशनल बैंक हाँ हाँ पीएनबी मर्चेंट पे
बैंक बॉक्स हाँ नहीं ना
भारतीय बैंक हाँ नहीं ना
इंडसइंड बैंक हाँ नहीं ना
आईसीआईसीआई बैंक हाँ हाँ भारत पे और पाइनलैब्स
एचडीएफसी बैंक हाँ हाँ एचडीएफसी बिजनेस ऐप
केनरा बैंक हाँ नहीं ना
बैंक ऑफ बड़ौदा हाँ हाँ भीम बड़ौदा मर्चेंट पे
ऐक्सिस बैंक हाँ हाँ भारत पे

e-RUPI प्लेटफार्म की कुछ मुख्य विशेषताएं निम्न प्रकार हैं : –

हमारे प्रधानमंत्री जी के द्वारा इस डिजिटल प्लेटफॉर्म की कुछ मुख्य विशेषताएं अपने ट्विटर अकाउंट के जरिए बताई गयी।  तो हम आपको उन सभी विशेषताओं को वर्णन यहां पर कर रहे हैं : –

  • ई- आरयूपीआई डिजिटल भुगतान की एक नया कैशलेस और कांटेक्ट लेस प्लेटफॉर्म बनकर तैयार हो गया है। 
  •  सेवा प्रदान करने वाले और सेवा लेने वाले दोनों ही लाभार्थी को पूरी तरह से डिजिटल रूप से जोड़ने का काम करेगा।
  • इस प्लेटफॉर्म का मुख्य उद्देश्य इसमे जो उपभोक्ता है उनकी  पूरी जानकारी लीक प्रूफ रहेगी। ओर इसके साथ विभिन्न सेवाओं को पूरी तरह से इस एप्लीकेशन पर बहुत गुप्त रखा जाएगा।
  • यह डिजिटल प्लेटफॉर्म क्यूआर कोड या SMS  स्ट्रींग आधारित ई -वाउचर के रूप में तैयार किया गया है जो कि मोबाइल के जरिए लाभार्थियों तक पहुंचाया जाएगा। 
  • इस डिजिटल प्लेटफार्म की मदद से सेवा प्रदान करने वाले व्यक्ति कार्ड, या डिजिटल भुगतान एप्लीकेशन तथा इंटरनेट बैंकिंग एक्सेस के बिना ही वाउचर का इस्तेमाल करने में सक्षम होंगे।
  • सेवाओं का आदान- प्रदान करने के बदले पेमेंट का सबसे आसान तरीका होगा।
  • यह डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रीपेड प्रकृति का होगा जिसकी वजह से इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति के अलावा इसका इस्तेमाल कोई और नहीं कर पाएगा।
  • यह एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा जिसके अंतर्गत सभी सरकारी सेवाओं जैसे आयुष्मान भारत में प्रधानमंत्री, जन आरोग्य योजना, उर्वरक सब्सिडी जैसी सभी योजनाओं के साथ-साथ माँ और बाल कल्याण योजना तथा टीवी उन्मूलन कार्यक्रम और दवा और स्वास्थ्य संबंधित सभी योजनाओं की जानकारी भी प्रदान करेगा और उनमें प्राप्त होने वाले सभी प्रकार के वित्तीय लाभ प्राप्त करने में भी सक्षम होगा।
  • इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग वाउचर के रूप में निजी क्षेत्र द्वारा कर्मचारी कल्याण और कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी कार्यक्रमों के लिए भी किया जा सकेगा।
  • यह वाउचर उपभोक्ताओं को उनके मोबाइल पर ही प्राप्त होगा।
  • इस प्लेटफार्म को तैयार करने में वित्तीय सेवा विभाग, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण सहयोगी हैं। 
  • यह डिजिटल प्लेटफॉर्म नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के द्वारा यूपीआई प्लेटफार्म पर तैयार किया गया है।
  • इस डिजिटल पेमेंट के अंतर्गत किसी प्रकार की सेवा प्रदाता की आवश्यकता नहीं होती।
  • इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के अंतर्गत प्राप्त वाउचर को किसी भुगतान एप्लीकेशन, इंटरनेट बैंकिंग या किसी कार्ड की आवश्यकता नहीं होती।
  • यह डिजिटल प्लेटफॉर्म पूरी तरह से बहुत ही इंटरफ़ेस के बिना चलाया जाएगा इसके माध्यम से विभिन्न सेवाओं के प्रायोजकों को लाभार्थियों और सेवा प्रदाताओं से जोड़ने का काम किया जाएगा। 

e-RUPI के लाभ

इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के  कुछ मुख्य लाभ इस प्रकार हैं : –

  • उपभोक्ताओं के लिए लाभ : –

डिजिटल प्लेटफॉर्म के अंतर्गत भुगतान की प्रक्रिया बिना किसी के संपर्क के  होगी। जिसमें दो चरण की प्रक्रिया का पालन करना होगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म के अंतर्गत किसी को पेमेंट करने के लिए बैंक खाते या डिजिटल भुगतान एप्लीकेशन की आवश्यकता नहीं होगी। इसके अलावा जो भी उपभोक्ता हैं उनको अपने व्यक्तिगत विवरण की जानकारी देने की आवश्यकता भी नहीं होगी। और सभी प्रकार की जानकारी को पूर्ण रूप से सुरक्षित रखा जाएगा।

  • अस्पतालों के लिए लाभ : –

डिजिटल प्लेटफॉर्म के अंतर्गत कुछ प्रीपेड वाउचर भी तैयार किए जाएंगे जिनकी भुगतान की प्रक्रिया पूरी तरह से सुरक्षित है अभी कुछ चरणों का पालन करने के लिए बाउचर की प्रक्रिया को आसानी से किया जा सकेगा। जिसके चलते अस्पतालों में कैश को संभालने की आवश्यकता नही होगी। इस वाउचर की मदद से संपर्क रहित तथा सरल भुगतान को सुनिश्चित किया जा सकता है तथा एक सत्यापन कोड की मदद से आसान और सुरक्षित बनाने का कार्य इस प्लेटफार्म पर किया जा सकता है।

  • कॉर्पोरेट के लिए लाभ : –

किसी भी प्रकार के कॉर्पोरेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए बाउचर तैयार करके उन्हें वितरित किया जा सकता है। इस प्रक्रिया में जिस व्यक्ति के नाम वाउचर निकाला जाएगा वह वाउचर उसी व्यक्ति को प्राप्त होगा। और वह व्यक्ति उस वाउचर का सही उपयोग करके लाभ उठा पाएगा।

मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड/Mobile Application Download

डिजिटल प्लेटफार्म को और भी आसान बनाने के लिए E-रूपी एप्लीकेशन लांच की गई है इसको डाउनलोड करने की आपका प्रक्रिया नीचे दी गयी हैं :-

  • E-rupi एप्लीकेशन को किसी भी एंड्रॉयड फोन में या एप्पल फोन में गूगल प्ले स्टोर की मदद से डाउनलोड किया जा सकता है।
  • प्ले स्टोर पर जाकर आपको e-rupi digital payment टाइप करना होगा।
  • शर्ट के बटन पर क्लिक करते ही आपके सामने एप्लीकेशन की एक सूची आ जाएगी जिसमें से सबसे पहले विकल्प पर क्लिक कर दें।
  • क्लिक करने के बाद इंस्टॉल के बटन पर क्लिक करें जिसके पश्चात ए आर यू पी आई डिजिटल भुगतान मोबाइल एप्लीकेशन आपके फोन में डाउनलोड हो जाएगी।

ऑफिशियल वेबसाइट/e-RUPI Official website

E-rupi  डिजिटल प्लेटफॉर्म को जारी करने के लिए हमारी सरकार ने ऑफिशल वेबसाइट भी लांच की है इस वेबसाइट पर जाकर आप इस प्लेटफार्म से संबंधित सभी प्रकार की जानकारियों को आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

अधिकारी वेबसाइट का लिंक

https://www.npci.org.in/

एनपीसीआई द्वारा प्रदान की जाने वाली अन्य सेवाएं

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम भारत में पूरी तरह से भुगतान प्रणाली के लिए जिम्मेदार हैं जिसके चलते इस नए डिजिटल प्लेटफॉर्म के अंतर्गत जिन भुगतान प्रणालियों का इस्तेमाल किया जाएगा उनकी कुछ सेवाएं निम्न प्रकार से है।

  • एकीकृत भुगतान इंटरफेस (UPI):- इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल एक मोबाइल एप्लीकेशन को डाउनलोड करने के बाद किसी भी व्यक्ति द्वारा आसानी से किया जा सकता है।
  • रुपए और भुगतान:- इसका घरेलू भुगतान नेटवर्क होने की वजह से पूरे देश में मौजूद एटीएम पीओएस और ई-कॉमर्स वेबसाइट के जरिए डिजिटल पेमेंट के इस माध्यम को स्वीकार किया जाएगा। यह नेटवर्क पूरी तरह से सुरक्षित होने की वजह से उपभोक्ताओं को फिशिंग से भी बचाने का काम करेगा।
  • भारत इंटरफेस फॉर मनी (BHIM):- भारत में तैयार किया गया एक ऐसा एप्लीकेशन जिसकी मदद से एक ही क्रश भुगतान इंटरफ़ेस का उपयोग करके बेहद सरल प्रक्रिया से कहीं भी पेमेंट की जा सकती है और आसानी से ली भी जा सकते हैं। भीम एप्लीकेशन एक ऐसी एप्लीकेशन है जिस को फोन में डाउनलोड करने के बाद आसानी से बैंक के साथ कनेक्ट करके इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • राष्ट्रीय स्वचालित समाशोधन गृह(NACH):- डिजिटल भुगतान कि यह पूरी प्रक्रिया इंटरनेट के माध्यम से हो सकती है इसलिए इस में की जाने वाली प्रक्रियाओं को आसानी से दोहराया जा सकता है।
  • तत्काल भुगतान सेवा(IMPS):- डिजिटल भुगतान 24*7 इंटरनेट इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर जो किसी भी टाइम मोबाइल के जरिए किया जा सकता है। यह पूरी तरह से मजबूत और रियल टाइम फंड ट्रांसफर सिस्टम है जिसे पूरे देश के बैंकों के साथ जोड़कर इस्तेमाल किया जाता है। इसकी सबसे महत्वपूर्ण और खास बात यह है कि आइएमपीएस पूरी तरह से सुरक्षित और किफायती है।
  • राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (एनईटीसी):- भारत में टोल संग्रह केंद्र जगह जगह पर बने हुए हैं जिसका भुगतान करने के लिए भी भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम ने राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह विकसित कर दिया है। इस प्लेटफार्म की मदद से राष्ट्रव्यापी टोल भुगतान की समस्या का समाधान किया गया है।
  • BHIM Aadhar:- व्यापारी और ग्राहक भीम आधार का आसानी से इस्तेमाल करके डिजिटल पेमेंट नहीं कर पाते थे क्योंकि यह पूरी तरह से आधार ऑथेंटिकेशन के जरिए काम करता था इसलिए इस प्लेटफार्म पर बायोमेट्रिक को प्रमाणित करके ही कोई व्यक्ति बैंकों के जरिए ग्राहकों से पेमेंट प्राप्त कर सकता है।
  • आधार सक्षम भुगतान प्रणाली:- एइपीएस पूरी तरह से ऑनलाइन इंटर ऑपरेबल वित्तीय समावेश लेनदेन का एक प्लेटफार्म है जो पीओएस पर आधार प्रमाणीकरण करने के बाद बैंकों के साथ कनेक्ट होता है। यह एक ऐसा प्लेटफार्म है जिसके जरिए 6 विभिन्न प्रकार के ट्रांजैक्शन किए जा सकते हैं। जो भी ग्राहक इस इंटरफेस के माध्यम से भुगतान करना चाहता है उसे रजिस्ट्रेशन के दौरान अपने बैंक का नाम तथा आधार संख्या और फिंगरप्रिंट दर्ज कराना पड़ता है।
  • राष्ट्रीय वित्तीय स्विच (एनएफएस):- यह 37 सदस्यों का मिलाजुला एक नेटवर्क है जो देश के 50000 से भी ज्यादा एटीएम को जोड़ता है। यह मॉडल पूरी तरह से मंच आधारित क्षमताओं वाले मजबूत और टिकाऊ परिचालन का मॉडल निर्माण करता है। यह प्लेटफार्म परिचालन कार्य तथा अन्य सेवाओं और वैश्विक एटीएम नेटवर्क के बराबर माना जाता है।
  • चेक ट्रंकेशन सिस्टम( सीटीएस):- यह एक इलेक्ट्रॉनिक चेक क्लियर सिस्टम है जहां पर पूरा काम इलेक्ट्रॉनिक रूप से होता है। जिस शाखा से संबंधित चेक होता है यह इलेक्ट्रॉनिक रूप से उस बैंक शाखा के सामने चेक को प्रस्तुत करते हैं। इस प्लेटफार्म का प्रबंधन भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम द्वारा किया जाता है और इस सिस्टम के उपयोग से काफी समय की बचत होती है। 

e-RUPI लाइव अस्पतालों की सूची देखने की प्रक्रिया

  • अस्पतालों की सूची देखने के लिए नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की ऑफिशियल वेबसाइट के होम पेज पर जाएं.
  • होम पेज पर आपको व्हाट वी डू का विकल्प दिखाई देगा उस पर क्लिक करें।
  • अगले पेज पर आपको यूपीआई का विकल्प दिखाई देगा उस पर क्लिक करे।
  • अब आपके सामने एक नया पेज खुलेगा जिसमें ईरूपी लाइफ पार्टनर्स के विकल्प पर आपको क्लिक करना होगा।
  • जैसे ही आप क्लिक करेंगे आपके सामने लाइव हॉस्पिटल का एक विकल्प आएगा उस पर क्लिक करते ही आपके सामने हॉस्पिटल की एक पीडीएफ फाइल में सूची आ जाएगी।
  • उस सूची को आप देख भी सकते हैं और डाउनलोड भी कर सकते हैं। 

ईआरयूपीआई/e-RUPI वाउचर को इस्तेमाल करने की प्रक्रिया

  • जिस व्यक्ति को e-rupi वाउचर प्राप्त हुआ है उसे आउटलेट पर जाकर अपने मोबाइल में आए e-rupi वाउचर दिखाना होगा।
  • उस वाउचर को विक्रेता स्कैन करेगा।
  • जैसे ही वह वाउचर को स्कैन करेगा व्यक्ति के पास ओटीपी आएगा वह ओटीपी विक्रेता को दिखा दे।
  • पूछे गए विकल्प में वह ओटीपी दर्ज किया जाएगा।
  • ओटीपी दर्ज करते ही सर्विस प्रोवाइडर जैसे ही प्रोसीड के बटन पर क्लिक करेगा आपके वाउचर से पूरी पेमेंट का भुगतान हो जाएगा।

विभाग से संपर्क करने की प्रक्रिया/Contact

  • भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम द्वारा जारी की गई आधिकारिक वेबसाइट के होम पेज पर जाएं।
  • होम पेज पर पहुंचते ही आपको गेट इन टच का विकल्प दिखाई देगा।
  • अब आपके सामने एक नया पेज खुल जाएगा उस पर आपको निम्नलिखित विवरण दर्ज करने होंगे।
    • नाम
    • ईमेल आईडी
    • संपर्क सूत्र
    • विषय
    • विवरण
    • तथा कैप्चा कोड
  • सारी जानकारी भरने के बाद सबमिट के बटन पर क्लिक करें प्रक्रिया संपूर्ण होने के बाद आप सीधे विभाग से संपर्क कर सकते हैं।

हेल्पलाइन नंबर

डिजिटल प्लेटफार्म से संबंधित संपूर्ण जानकारी हम आपको अपनी इस पोस्ट के जरिए दे चुके हैं अगर आप उसके बावजूद भी किसी समस्या का सामना कर रहे हैं और समाधान प्राप्त जाना चाहते हैं तो नीचे दिए गए हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकते हैं।

हेल्पलाइन नंबर:- 18001201740 

FAQ

e-RUPI क्या है?

यह है भारत सरकार द्वारा जारी किया गया वह डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसके माध्यम से कैशलेस तथा संपर्क रहित पेमेंट आसानी से की जा सके।

e-RUPI क्या इंटरफेस रहेगा?

इससे डिजिटल प्लेटफॉर्म का कोई भी फिजिकल इंटरफेस नहीं रहेगा यह प्लेटफॉर्म पूरी तरीके से डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से काम करेगा.

e-RUPI का मुख्य इस्तेमाल कहां किया जाएगा?

भारत सरकार के द्वारा जारी की गई इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आयुष्मान भारत चैनल आरोग्य योजना फर्टिलाइजर सब्सिडी आदि जैसी योजनाओं के तहत आने वाली सभी योजना के अंतर्गत डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर इस्तेमाल होगा।

क्या e-RUPI डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए किया जा सकता है?

जी हां मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए इस प्लेटफार्म का उपयोग किया जा सकता है.

e-RUPI किस प्लेटफार्म पर विकसित किया गया है?

UPI प्लेटफार्म पर विकसित किया गया है।

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