Mera Pani Meri Virasat Yojana: ऑनलाइन आवेदन, मेरा पानी मेरी विरासत

पानी की कमी के चलते हरियाणा के डार्क जोन में शामिल क्षेत्रों में धान की खेती छोड़ कर धान के स्थान पर मक्का, अरहर, मूंग, उड़द, तिल, कपास, सब्जी जैसी अन्य विकल्पित फसलों की खेती करने वाले किसानों को ‘मेरा पानी मेरी विरासत योजना’ के अंतर्गत 7 हजार रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन धनराशि राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर जी ने कहा कि जिन ब्लॉक में पानी की गहराई 35 मीटर से ज्यादा नीचे है, वहां किसानों को पंचायती जमीन पर धान की खेती करने की अनुमति नाही दी जाएगी। आज हम आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से Haryana Mera Pani Meri Virasat Scheme की आवेदन प्रक्रिया, पात्रता, एवं लगने वाले दस्तावेज़ आदि जैसी संबंधित तमाम जानकारियां प्रदान करने जा रहे है आज इस आर्टिकल में हम आपको  मेरा पानी मेरी विरासत योजना से संबंधित पूरी जानकारी प्रदान करेंगे।

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Table of Contents

Mera Pani Meri Virasat योजना:

हरियाणा में इस वर्ष पानी की कमी देखने को मिली है, जैसा कि हम सब जानते हैं कि हरयाणा में धान की खेती जोरों शोरों से होती है और धान की खेती में भारी मात्रा में पानी कहि लागत आती है इसलिए पानी की कमी को ध्यान में रखते हुए हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर जी ने समाधान स्वरूप किसानों से धान की खेती न करने की बल्कि धन के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फसलों की खेती करने की अपील की है। साथ ही किसानों की आर्थिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा हरयाणा में धान की खेती न कर के अन्य वैकल्पिक फसलों की खेती करने वाले किसानों को 7000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है और विपदा के इस समय में किसानों के इस अद्वितीय सहयोग को सम्मान दिया जा रहा है। राज्य सरकार युद्ध स्तर पर योजना को लेकर कार्यरत है।

योजन का नाम मेरा पानी मेरी विरासत योजना
किसके द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर
लाभार्थी राज्य के किसान
उद्देश्य राज्य के किसानों को प्रोत्साहन धनराशि प्रदान करना
आधिकारिक वेबसाइट यहाँ क्लिक करें
साल 2020

Mera Pani Meri Virasat योजना का उद्देश्य :

जैसा कि आप सब जानते हैं कि इस वर्ष हरियाणा एक ऐसी जगह बन चुका है जहा पर पानी की भारी कमी सामने आई है और इस कमी के चलते धान की या चावल की खेती करना मुमकिन नहीं हो सकता है क्योंकि अन्य फसलों के मुक़ाबके इन फसलों में पानी की खपत ज्यादा होती है। जिसके समाधान स्वरूप हरयाणा के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर जी द्वारा राज्य के समस्त किसान भाइयों से अनुरोध किया गया है कि किसान राज्य में चावल की खेती करने से ज्यादा से ज्यादा बचें क्योकि धान की खेती में पानी की खपत बहुत अधिक होती है। इसीलिए हरियाणा सरकार ने इस सीजन में धान की जगह और अन्य फसलों की खेती करने वाले किसानों को हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना के अंतर्गत 7 हजार रुपये हर एक एकड़ के हिसाब से प्रोत्साहन धनराशि आर्थिक मदद के रूप में प्रदान करने का फैसला किया है। साथ ही राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जल संरक्षण को बढ़ावा देते हुए हरयाणा प्रदेश के समस्त किसान भाइयों से अपील भी की है कि वे पानी की कमी जैसी गंभीर समस्या के निदान हेतु राज्य सरकार का समर्थन करें व धान के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फसलों की खेती करके अपना पूर्ण सहयोग दें।

हरियाणा Mera Pani Meri Virasat योजना की विशेषताएं :

  • राज्य में पानी की किल्लत को ध्यान में रखते हुए हरियाणा में जल संरक्षण हेतु माननीय मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर जी द्वारा हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना को लॉन्च किया गया है।
  • हरियाणा में Mera Pani Meri Virasat Yojana के अंतर्गत राज्य के कुछ निर्धारित किसानों को धान की खेती छोड़ कर अन्य वैकल्पिक फसलों की खेती करने पर राज्य सरकार द्वारा प्रोत्साहन धनराशि प्रदान की जा रही है। 
  • राज्य के मुख्यमंत्री जी ने मेरा पानी मेरी विरासत योजना को लॉन्च करते हुए कहा है कि डार्क जोन में शामिल कुछ निर्धारित क्षेत्रों में रहने वाले किसान धान की खेती छोड़ देंगे और अन्य वैकल्पिक फसलों की खेती अपनाएंगे उन्हें राज्य सरकार द्वारा 7000 रूपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन धनराशि प्रदान की जाएगी।
  • योजना के अंतर्गत जिन जगहों पर पानी की कमी है राज्य के उन हिस्सों के किसान धान को छोड़कर अन्य वैकल्पित फसलों जैसे मक्का , अरहर, मूंग, उड़द, तिल, कपास, सब्जी आदि की खेती कर सकते है जिन्हें करने पर हरियाणा सरकार द्वारा उन्हें परित्साहन धनराशि प्रदान की जाएगी।
  • मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने योजना से संबंधित जानकारी देते हुए यह भी बताया है कि जल्द ही मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के प्रचार के लिए एक पोर्टल भी बनाया जाएगा जिस पर परेशान किसान अपनी सभी समस्याओं का समाधान पाने में सक्षम हो सकेंगे।
  • हरियाणा राज्य के किसी  दूसरे ब्लाक में भी इच्छुक किसान धान की खेती छोड़ना चाहते हैं तो वह भी इस योजना के अंतर्गत अनुदान के लिए आवेदन कर पाएंगे जिससे कि भविष्य में आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संरक्षण सुनिश्चित हो सकेगा।

Mera Pani Meri Virasat योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन मिलने के मापदंड :

  • योजना के अंतर्गत अगर हरियाणा के किसान द्वारा खेती की जमीन के 50% या उससे अधिक हिस्से पर धान के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फसलें जैसे मक्का, कपास, बाजरा, दलहन, सब्जियां आदि की फसल उगाई जाती है तो इस स्थिति में राज्य सरकार द्वारा किसान को 7000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
  • योजना के अंतर्गत परित्साहन राशि प्राप्त करने के लिए किसान को गत वर्ष के धान के क्षेत्रफल में 50% या इससे अधिक फसल विविधीकरण करना होगा।
  • अगर किसान अपनी फसल के लिए अपने खेत में सिंचाई यंत्र लगवाते हैं तो इस स्थिति में किसान को कुल लागत का सिर्फ जीएसटी ही देने की जरूरत है अर्थात कुल कीमत का 18 प्रतिशत में ही सिंचाई यंत्र लग सकेगा।
  • अगर किसान ने फसल विविधीकरण के चलते फसल का बीमा कराया हो तो इस स्थिति में किसान के हिस्से की राशि का भुगतान राज्य सरकार की इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा और साथ ही साथ मक्का की बिजाई मशीन पर 40% का अनुदान भी प्रस्तावित है।
  • जिन किसानों ने मेरा पानी मेरी विरासत योजना की धनराशि प्राप्त कर फसल उगाई है, उस फसल को राज्य सरकार द्वारा निर्धारित MSP की दर पर खरीद लिया जाएगा।
  • राज्य के वे सभी हिस्से जिनका भूमि जलस्तर 35 मीटर या फिर उससे भी ज्यादा गहराई पर हो और पंचायत की जमीन पर धान के अलावा किसी कम पानी की खपत वाली फसल को बोया गया हो तो ऐसे में ग्राम पंचायत को भी ₹7000 प्रति एकड़ के हिसाब से लाभ मिलने का निर्धारण किया गया है।
  • इसके अलावा बागवानी विभाग द्वारा संचालित किए जाने वाली अन्य योजनाओं के प्रावधानों के अनुसार भी किसानों को अनुदान राशि का भी भुगतान किये जाने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

हरियाणा Mera Pani Meri Virasat योजना हेतु लगने वाले दस्तावेज (पात्रता) :

  • आवेदन करने वाला हरियाणा राज्य से बाहर का निवासी नहीं होना चाहिए
  • आधार कार्ड
  • पहचान पत्र
  • बैंक अकाउंट पासबुक
  • कृषि योग्य भूमि के कागज़ात
  • मोबाइल नंबर
  • पासपोर्ट साइज फोटो

मेरा पानी मेरी विरासत योजना में आवेदन कैसे करें?

इस योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन करने हेतु दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें –

  • मेरा पानी मेरी विरासत योजना में आवेदन करने के लिए सबसे पहले आपको योजना की आधिकारिक वेबसाइट के होम पेज पर जाना होगा।
  • अब खुद को रजिस्टर करने के लिए New Registration के ऑप्शन पर क्लिक करने के बाद आपके सामने अगला पेज खुलकर आएगा।
  • अब इस पेज पर आपको अपना सही आधार नंबर दर्ज करने के बाद Next पर क्लिक करना होगा। क्लिक करने के बाद आपको फार्मर डिटेल्स भरनी होगी फिर टोटल लैंड होल्डिंग और क्रॉप डिटेल्स भरने के बाद सबमिट पर क्लिक कर के जमा करना होगा।
  • इस प्रक्रिया को फॉलो करके आपका पंजीकरण सफलतापूर्वक हो जायेगा।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए आवेदन कैसे करें ?

  • आबेदन करने के लिए सबसे पहले तो आपको मेरा पानी मेरी विरासत योजना की ऑफिसियल वेबसाइट के होम पेज पर जाना होगा।
  • होम पेज पर आपको बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लिए विकल्प पर क्लिक करना होगा और क्लिक करने के बाद आपके सामने अगला पेज खुल जायेगा।

Mera Pani Meri Virasat Yojana

  • इस पेज पर आपको फार्मर रजिस्ट्रेशन के लिए के फॉर्म का विकल्प दिखाई देगा जिस पर आपको क्लिक करना होगा।
    Mera Pani Meri Virasat
  • अब आपको इस फॉर्म में आधार नंबर, सामान्य विवरण, किसान का विवरण, टोटल लैंड होल्डिंग जैसी पूछी गयी तमाम महत्वपूर्ण जानकारी देनी होंगी।
  • सभी जानकारी भरने के बाद आपको सबमिट के बटन की लिंक पर क्लिक करना होगा जिससे कि फॉर्म जमा हो जाएगा और आपका रजिस्ट्रेशन सफलतापूर्वक हो जायेगा।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए आवेदन कैसे करें ?

  • आबेदन करने के लिए सबसे पहले तो आपको मेरा पानी मेरी विरासत योजना की ऑफिसियल वेबसाइट के होम पेज पर जाना होगा।
  • होम पेज पर आपको बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लिए विकल्प पर क्लिक करना होगा और क्लिक करने के बाद आपके सामने अगला पेज खुल जायेगा।
  • इस पेज पर आपको फार्मर रजिस्ट्रेशन के लिए के फॉर्म का विकल्प दिखाई देगा जिस पर आपको क्लिक करना होगा।
  • अब आपको इस फॉर्म में आधार नंबर, सामान्य विवरण, किसान का विवरण, टोटल लैंड होल्डिंग जैसी पूछी गयी तमाम महत्वपूर्ण जानकारी देनी होंगी।

Mera Pani Meri Virasat

  • सभी जानकारी भरने के बाद आपको सबमिट के बटन की लिंक पर क्लिक करना होगा जिससे कि फॉर्म जमा हो जाएगा और आपका रजिस्ट्रेशन सफलतापूर्वक हो जायेगा।

फसल विविधीकरण के लिए पंजीकरण करने की प्रक्रिया :

  • फसल विविधीकरण के लिए खुद को पंजीकृत करने के लिए सबसे पहले आपको हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना की ऑफिशियल वेबसाइट का होम पेज खोलना होगा।
  • तब इस होम पेज पर आपको फसल विविधीकरण के लिए पंजीकरण करे के विकल्प की लिंक पर क्लिक करने की जरूरत होगी उसपर क्लिक करें।
  • अब आपके सामने एक नया पेज खुलकर आएगा इस पेज पर आपको अपना आधार नंबर दर्ज करने के बाद गेट ओटीपी के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इसके पश्चात आपको अपने मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी को बॉक्स में दर्ज करने के बाद सबमिट के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इस सबके बाद अंत में आपको अपनी फॉर्मल डिटेल, टोटल लैंड होल्डिंग डिटेल और क्रॉप डिटेल जैसी कुछ जरूरी जानकारियां उपलब्ध करानी होंगी।
  • अंत में सबमिट के विकल्प पर क्लिक करके इस प्रक्रिया को फॉलो करते हए आप फसल विविधीकरण के लिए पंजीकरण कर पाएंगे।

रिचार्ज शाफ्ट के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया :

  • रिचार्ज शाफ्ट में आवेदन हेतु सबसे पहले आपको हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना की आधिकारिक वेबसाइट के होम पेज पर जाना होगा।
  • अब आपके स्क्रीन के सामने पोर्टल का होम पेज खुल कर आ जाएगा जिस पर आपको रिचार्ज शाफ्ट के लिए आवेदन करें पर क्लिक करने की जरूरत होगी।
  • क्लिक करने के बाद अब आपके सामने आये नए पेज में आपको रिचार्ज शाफ्ट के निर्माण के प्रकार, आधार नंबर, किसान का नाम, पिता का नाम, मोबाइल नंबर, जिला खंड, क्रॉप नेम, मुरादा नेम, अपना किल्ला नंबर, अपना जिला, स्थानीय ब्लाक, तहसील का नाम, गांव और क्रॉप लिस्ट जैसी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज करने के बाद में कैप्चा कोड दर्ज करना होगा।
  • इस सबके बाद आपको आवेदन सफल करने के लिए सेव के विकल्प पर क्लिक करना होगा इस प्रकार आप रिचार्ज शौक के लिए सफलतापूर्वक आवेदन कर पाने में सक्षम होंगे।

विभागीय लॉगिन करने की प्रक्रिया :

  • पोर्टल पर विभागीय लॉगिन करने के लिए सबसे पहले आपको हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाना होगा।
  • जिसमें आपको विभागीय लॉगिन या विभागीय प्रवेश के विकल्प पर क्लिक करने की जरूरत होगी।
  • अब अगले पेज में आपको लॉगिन करने के लिए लॉगिन पेज पर अपना यूजरनेम, पासवर्ड तथा सबसे आखिर में सही सही कैप्चा कोड दर्ज करना होगा।
  • अंत में अब आपको विभागीय लॉगिन करने लिए विकल्प पर क्लिक करने की जरूरत होगी और इस प्रक्रिया से आप लॉगिन कर सकेंगे।
  • इस प्रक्रिया से आप सफलतापूर्वक विभागीय लॉगिन कर पाएंगे।

Contact Us :

Helpline Number -1800-180-2117

Agriculture and Farmers Welfare Department

Krishi Bhawan, Sector 21, Panchkula

E-mail: [email protected], [email protected]

Tel.: 0172-2571553, 2571544

Fax: 0172-2563242

Kisan Call Centre-18001801551

FAQ:

हरियाणा मेरा पानी Mera Pani Meri Virasat क्या है?

हरियाणा सरकार ने वर्तमान सीजन में धान के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फसलों की खेती करने वाले किसानों को हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना के अंतर्गत 7 हजार रुपये/एकड़ प्रोत्साहन धनराशि आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान करने का फैसला किया है।

योजना के अंतर्गत राज्य के कितने किसानों को लाभ दिया जाएगा?

राज्य में जिन क्षेत्रों में भू जलस्तर 35 मीटर से ज्यादा गहराई पर है और वह धान के अतिरिक्त वैकल्पिक फसल की खेती करने वाले किसान इस योजना के अंतर्गत लाभप्रद हो सकेंगे।

राज्य सरकार द्वारा किसान को कितनी प्रोत्साहन धनराशि प्राप्त होगी?

₹7000 प्रति एकड़।

क्या केवल पानी की कमी से प्रभावित क्षेत्र का किसान ही इस योजना का लाभ पा सकेगा?

यदि आप धान की खेती छोड़कर अन्य वैकल्पिक फसलों की खेती करते हैं इस स्थिति में आप योजना के लिए आवेदन कर सकेंगे।

मेरा पानी मेरी विरासत योजना के जरिए इच्छुक लाभार्थी किसान अपना पंजीकरण कैसे कर सकते हैं?

ऑनलाइन माध्यम से। 

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