New Education Policy 2021: नेशनल एजुकेशन पालिसी, नई शिक्षा नीति PDF

हाल ही में मानव संसाधन प्रबंधन मंत्रालय द्वारा एजुकेशन पॉलिसी में कुछ नए बदलाव किए गए हैं और यह बदलाव प्रमुख डॉक्टर कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में किए गए हैं। उन बदलावों में New Education Policy 2021 से संबंधित कई सारे निर्णय लिए गए हैं जिसमें एजुकेशन पॉलिसी के नए उद्देश्य और विशेषताओं के बारे में बताया गया है। उन सभी बिंदुओं से संबंधित जानकारी आज हम आपके सामने लेकर आए हैं जिनके बारे में हम आपको इस लेख में बताएंगे जानकारी प्राप्त करने के लिए लेख को अंतत जरूर पढ़ें।

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Table of Contents

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (New Education Policy) क्या है?

कोरोना महामारी की वजह से स्कूल और कॉलेज भले ही बंद हो लेकिन शिक्षा नीति की आवश्यकता निरंतर देखने को मिली है। भारत सरकार द्वारा नवीन शिक्षा प्रणाली 2020 शुरू कर दी गई है जिसके अंतर्गत शिक्षा में कई सारे मुख्य बदलाव किए गए हैं और इन बदलावों को राष्ट्रीय शिक्षा पॉलिसी के चलते आने वाली साल 2030 तक शिक्षा में 100% सुधार करने का दावा किया गया है। इस पॉलिसी के अंतर्गत ग्रामीण विद्यालय से लेकर माध्यमिक विद्यालय तक की शिक्षा को पहले 10+2 के पैटर्न के साथ फॉलो किया जाता था लेकिन हाल ही में नई शिक्षा नीति के अनुसार इसे बदल कर 5+3+4 के नए पैटर्न के रूप में घोषणा की गई है।

New Education Policy के अंतर्गत आरंभ किया गया एक लाइव डैशबोर्ड:

नवीन शिक्षा प्रणाली (नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020) की सफलता को लाइव मॉनिटर कर जन जन तक पहुचाने के लिए जून 2021 से एक लाइव डैशबोर्ड लांच किया गया है और उस डैशबोर्ड के माध्यम से इस पूरी पॉलिसी के कार्य करने की प्रक्रिया पर निर्धारित निर्देशकों द्वारा निगरानी रखी जाएगी जिससे कि कोई भी भूल होने से बचा जा सके। 

योजना के जारी करने के बाद कॉलेज एवं विश्वविद्यालय के स्तर पर भी नीति में बदलाव लागू करने पर काम किया जाएगा। शिक्षा की नीति के अंतर्गत 181 विभिन्न कार्यों की पहचान मंत्रालय द्वारा की गई है जिसमें मुख्य रुप से स्नातक यानी ग्रैजुएशन एवं स्नातकोत्तर के पाठ्यक्रम में ऑप्शनल सब्जेक्ट, रीजनल लैंग्वेज बेस्ट एजुकेशन और साथ में यूनिवर्सिटी डिग्री में प्रवेश एवं निकासी की सुविधा तथा क्रेडिटबैंक सिस्टम जैसी सुवुधाओं को भी जोड़ा गया है।

इन बदलावों में कर्नाटक, महाराष्ट्र, गोवा तथा उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा एक विशेष टास्क फोर्स का गठन भी किया गया है जिनका काम NEP 2020 के कार्य करने के तरीके और संबंधित चुनौतियों पर निगरानी रखना, अध्ययन करने और समाधान करना होगा। इस के साथ शिक्षा मंत्रालय मासिक तथा त्रैमासिक आधार पर लाइव चलने वाले डैशबोर्ड की पूरी निगरानी करेगी जिससे कि प्रणाली की प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखी जा सके और हर कार्य की एक समय सीमा निर्धारित की जाएगी जिसकी संपूर्ण जानकारी राज्य की सभी मुख्य एजेंसियों तक पहुंचाई जाएगी।

New Education Policy इंप्लीमेंटेशन एंड रिव्यू कमिटी:

नेशनल एजुकेशन मंत्रालय द्वारा एक इंप्लीमेंटेशन और रिव्यू कमेटी तैयार की जाएगी। इस कमेटी को हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट में मौजूद अधिकारियों द्वारा संचालित किया जाएगा।

पॉलिसी की सफलता के मूल्यांकन के लिए इस कमेटी को इंप्लीमेंट किया जाएगा। इसी के साथ साथ क्रेडिटबैंक प्रणाली तथा आईआईटी को पूरी तरह से बहू बेशक संस्थान में परिवर्तित करने के लिए भी एक नई टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। अगर किसी राज्य एवं जिला स्तर के अधिकारियों द्वारा इस योजना के क्रियान्वयन में जरा सा भी विलंब होगा तो उसका जवाब उन्हें देना होगा।

आर्टिकल किसके बारे में है नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2021
किस ने लांच की स्कीम भारत सरकार
लाभार्थी भारत के नागरिक
आर्टिकल का उद्देश्य इस पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य शिक्षा का सार्वभौमीकरण करना है तथा भारत को वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाना है।
ऑफिशियल वेबसाइट यहां क्लिक करें
साल 2021
स्कीम उपलब्ध है या नहीं उपलब्ध

विश्वविद्यालय एवं कॉलेजों के पाठ्यक्रमों में होगा एनसीसी कोर्स शामिल:

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत विद्यार्थियों को एन.सी.सी. के क्षेत्र में भी प्रोत्साहन देने का प्रावधान रखा गया है जिसको ध्यान में रखते हुए यूजीसी एवं एनआईसीटी द्वारा एनसीसी को विश्वविद्यालय में एक एडिशनल सब्जेक्ट के रूप में चुनने का अवसर छात्रों को दिया जाएगा। इन सभी बातों की जानकारी एनसीसी निदेशालय के कमांडिंग अफसर द्वारा सभी विश्वविद्यालयों तथा टेक्निकल संस्थानों तक पहुंचाई जा चुकी है और इस कोर्स के बारे में विस्तृत जानकारी कमांडिंग ऑफिसर द्वारा प्रोजेक्शन एवं ब्रीफिंग के जरिये प्रदान की गई है।

एनसीसी कमांडिंग ऑफिसर द्वारा दये गए निर्देशों के अनुसार साल 2021-22 के पाठ्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों में एनसीसी को एक विषय के तौर पर पढ़ाया जाएगा जो कि एडिशनल सब्जेक्ट होगा। इस विषय को पढ़ने वाले छात्रों को एनसीसी कैडेट के रूप में दाखिला दिया जाएगा तथा क्रेडिट बी और सी प्रमाण पत्र के साथ-साथ शैक्षणिक क्रेडिट भी उन्हें दिया जाएगा। इसके साथ-साथ विभिन्न केंद्र एवं राज्य सरकार की योजना के तहत प्रदान की जाने वाली रोजगार सुविधाओं से भी उन्हें लाभान्वित किया जाएगा।

New Education Policy के रूप में एक सार्थक योजना का हुआ शुभारंभ :

शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार लगातार कड़े प्रयास करती रहती है जिसके चलते सरकार देश की शिक्षा नीतियों में समय समय पर बदलाव लाती रहती है जिससे शिक्षा को और बेहतर बनाया जा सके। new national education policy 2020 का कार्यान्वयन सफलतापूर्वक शिक्षा मंत्री माननीय रमेश पोखरियाल निशांक जी द्वारा चलाया जा रहा है ताकि छात्रों एवं शिक्षकों को (समग्र विकास) सार्थक योजना से भी जोड़ा जाए। राज्य और केंद्र सरकारों के विभिन्न पक्षों पर विचार विमर्श कर के और साथ ही पूरी तैयारी के साथ सार्थक योजना को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के साथ जोड़ा गया है जो कि आने वाले समय में एक सफल निर्णय साबित होगा।

MYNEP2020 प्लेटफार्म का शुभारंभ 

केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री रमेश पोखरियाल निशांक जी ने एनसीटीई प्लेटफार्म को योजना का आधार बनाकर MYNEP2020 का शुभारंभ किया है। जिसे 1 अप्रैल 2021 से लेकर 15 मई 2021 तक कार्यशील रखा जाएगा। इस प्लेटफार्म की मदद से नेशनल प्रोफेशनल स्टैंडर्ड फॉर टीचर एवं नेशनल मिशन फॉर मेंटरिंग प्रोग्राम मेंबरशिप का विकास करने के लिए एक नया ड्राफ्ट तैयार किये जाने का प्रावधान है और साथ ही उस ड्राफ्ट में सभी हिट धारकों की मदद से सुझाव इनपुट तथा सदस्यता आमंत्रित करने के क्षेत्रों में काम किया जाएगा।

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2021 का उद्देश्य :

भारत में नई एजुकेशन पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के वैश्विक स्तर को बेहतर बनाना है जिससे भारत एक वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बन सकने में सक्षम हो सके और विकाशपुरुष क रूप में सार्थक हो सके। देश में New Education Policy 2021 के माध्यम से शिक्षा का संपूर्ण समरसता के साथ आदान प्रदान किया जाएगा। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2021 के माध्यम से सरकार ने पुरानी एजुकेशन पॉलिसी के अंतर्गत कई सारे नए संशोधन करके इसे नए रूप से तैयार किया है जिसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना और उसे बेहतर बनाना है ताकि विद्यार्थी अच्छी शिक्षा प्राप्त कर अपना भविष्य सुधार सकें और एक प्रगतिशील भारत का आधार बनें।

एजुकेशन पॉलिसी के सिद्धांत

  • इस पॉलिसी के तहत छात्र के मस्तिष्क की पहचान कर उसकी क्षमता का विकास तय किया जाएगा।
  • बच्चों के अंदर साक्षरता एवं संख्यात्मकता के ज्ञान का विस्तार किया जाएगा
  • शिक्षा को पहले से आसान और समझने योग्य बनाया जाएगा।
  • सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली में विशेष ध्यान दिया जाएगा और विशेष निवेश किया जाएगा।
  • गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का विकास होगा।
  • उत्कृष्ट स्तर पर शोध किया जाएगा।
  • बच्चों को सुशासन सिखाना तथा सशक्तिकरण करना भी एक मुख्य बिंदु है।
  • शिक्षा नीति को पारदर्शी और सरल बनाएगी।
  • मूल्यांकन पर जोर देगी जिससे छात्र को उसका स्तर पता चलेगा।
  • विभिन्न प्रकार की भाषाएं सिखाना, जिससे कि छात्र राष्ट्र के बाहर भी काम कर सकने में सक्षम हो सकेगा।
  • बच्चों की सोच को क्रिएटिव और तर्कपूर्ण बनाना जिससे कि छात्र एक ओजस्वी सोच प्राप्त कर सके।

सार्थक योजना से संबंधित कुछ मुख्य जानकारी

  • सरकार द्वारा जारी नई शिक्षा प्रणाली के लिए 1 साल के क्रियान्वयन की योजना तैयार की गई है।
  • शिक्षा नीति के कार्य एवं कार्यशैली को परिभाषित करने के लिए सार्थक योजना तैयार की गई है।
  • जिसके अंतर्गत शिक्षा नीति के लक्ष्य परिमाण और समय सीमा उपस्थित होंगे।
  • इस योजना की मदद से सभी केंद्र शासित प्रदेशों एवं राज्य को नई शिक्षा नीति समझाने में मदद मिलेगी।
  • स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा सार्थक योजना की पूरी रूपरेखा तैयार की गई है।
  • देश की आजादी के 75 वर्ष पूरे हो गए हैं इसकी खुशी मनाते हुए अमृत महोत्सव के अंतर्गत इस योजना का शुभारंभ किया गया है।
  • सरकार द्वारा जारी की गई है योजना पूरी तरह से संवादात्मक लचीली तथा समावेशी होगी।
  • इस योजना में यह निर्धारण किया जाएगा कि राज्य नई शिक्षा नीति में जरूरत के हिसाब से बदलाव करती रहे।

New Education Policy विवरण

  • लांच की गई नई एजुकेशन पॉलिसी में शिक्षकों के लिए व्यवसायिक विकास का भी प्रावधान अनिवार्य किया गया है। इस प्रावधान के लिए दीक्षा प्लेटफार्म पर शिक्षकों के लिए 50 घंटे का मॉडल लांच किया जाएगा। इस 50 घंटे के मॉड्यूल के अंतर्गत अट्ठारह मॉडल होंगे जिनमें प्रत्येक मॉड्यूल 4 से 5 घंटे का होगा। मॉडल की मदद से शिक्षकों को सर्विस ट्रेनिंग देने की तैयारी की जाएगी जिसमें सभी प्राथमिक शिक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं को कवर किया जाएगा। 
  • शिक्षा मंत्रालय की मदद से एक राष्ट्रीय मिशन के अंतर्गत नए फाउंडेशन लिटरेसी एंड न्यूमरस मिशन को मंजूरी देने की तैयारी की गई है।
  • दीक्षा प्लेटफार्म के मदद से ई लर्निंग का भी विस्तार करने की योजना बनाई गई है जिसमें छात्रों को मुख्य रूप से ई कंटेंट उपलब्ध करवाए जाएंगे।
  • नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के अंतर्गत शिक्षा के साथ-साथ छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाएगा। इन बातों का ध्यान रखने के लिए सरकार ने एक इनिशिएटिव लॉन्च किया है जिसे मनु दर्पण का नाम दिया गया है। इनीशिएटिव लॉन्च करते समय उससे संबंधित टोल फ्री नंबर ऑनलाइन चाट नेशनल लेवल डायरेक्टरी और डाटाबेस ऑफ काउंसलर को भी निर्मित किया जा रहा है और उसका विकास किया जाएगा।
  • भारतीय संकेत भाषा अनुसंधान और एनसीईआरटी तथा प्रशिक्षण केंद्रों के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं जिसके अंतर्गत सभी भारतीय स्कूलों के लिए सांकेतिक भाषा का शब्द कोष तैयार किया जाएगा।
  • नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत सीबीएसई परीक्षा में क्रमवार तरीके से सुधार किए जा रहा है। किए जाने वाले सभी सुधार 2021 में लागू किए जाएंगे और एकेडमिक ईयर 2021-22 के प्रारंभ में ही गणित तथा हिंदी अंग्रेजी तथा संस्कृत दो स्तरों में किया जाएगा। इसके साथ ही दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षा के दौरान योगदान आधारित प्रश्नों में बढ़ोतरी की जाएगी। योगदान आधारित प्रश्नों का चयन बोर्ड की परीक्षा में प्रारंभ किया जा चुका है जिसे प्रतिवर्ष 10% तक बढ़ाया जाएगा जिससे कि छात्र के मानसिक विकास में योगदान मिलेगा।

New Education Policy में समग्र शिक्षा में प्री प्राइमरी भी होगी शामिल

शिक्षा मंत्रालय ने सभी स्कूलों की राष्ट्रीय शिक्षा नीति का सफलतापूर्वक कार्यान्वयन करने के लिए यह निर्णय भी लिया है कि समग्र शिक्षा के अंतर्गत आने वाले समय से प्री प्राइमरी को भी जोड़ा जाएगा। कोरोनावायरस के संक्रमण के दौरान लगातार बच्चों की ऑनलाइन क्लासेस चल रही हैं जिस को बेहतर बनाए जाने का प्रयास लगातार किया जा रहा है। सभी राज्यों से संपूर्ण शिक्षा के अंतर्गत प्रस्ताव भेजने का स्वभाव भी शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी किया गया है। जल्द ही एनसीईआरटी और एनसीटीई और शिक्षा मंत्रालय सीबीएसई के साथ उच्च स्तरीय बैठक आयोजित करके शिक्षा में लाए गए नए बदलावों का फैसला करेंगे।

स्कूल बैग तथा होमवर्क किया जाएगा कम

New Education Policy के अंतर्गत यह फैसला भी लिया गया है कि पहली से दसवीं कक्षा के बच्चों का स्कूल बैग 10% ही हो। अधिक वजन की किताब की किताबें बच्चों के बैग में नहीं होनी चाहिए तथा व्हील कैरियर बैग का चलन बच्चों के लिए बिल्कुल बंद किया जाएगा। क्योंकि व्हील कैरियर वाले बैग की वजह से बच्चों को चोट लगने का खतरा ज्यादा रहता है इसलिए हर स्कूल में डिजिटल वेइंग मशीन भी रखी जाएगी। ताकि बच्चों के द्वारा लाए जाने वाले स्कूल बैग का वजन मॉनिटर किया जा सके। एडजेस्टेबल रैक के साथ बच्चों का बैग पूरी तरह से प्रॉपर कंपार्टमेंट वाला होना चाहिए ताकि वह काफी हल्का हो और इस बात का ध्यान स्कूलों को रखना होगा।

छात्र की वित्तीय सहायता:

नई शिक्षा नीति में राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल का भी विस्तार किया गया है जिसके माध्यम से छात्रों को वित्तीय सहायता देने का काम किया जाएगा। ताकि बच्चों को पढ़ाई की ओर प्रोत्साहित हो उन्नति की ओर बढ़े और उनकी प्रगति हो। सरकारी स्कूलों के साथ-साथ प्राइवेट एजुकेशनल इंस्टिट्यूट को भी इस योजना के तहत प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि वह बच्चों को छात्रवृत्तियां प्रदान करें। 

आईआईटी बहू विषयक संस्थान बनाए जाएंगे:

मानविकी छात्रों के लिए नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के नेतृत्व में आईआईटी जैसे इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश प्रारंभ किए जाएंगे और साथ ही आईआईटी बाहु विषयक शिक्षा की ओर भी आगे बढ़ाया जाएगा। 

विदेशी छात्रों के लिए अंतरराष्ट्रीय छात्र कार्यालय:

new education policy के अंतर्गत अच्छी शिक्षा प्रदान करने वाले वैश्विक तौर पर एक सफल अध्ययन स्थल के रूप में भारत को बढ़ावा दिया गया है इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक स्थान में विदेशी छात्रों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए अंतरराष्ट्रीय छात्र की सुविधाओं के लिए कार्यालय की स्थापना की जाएगी। 

नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना:

नई शिक्षा पॉलिसी के अंतर्गत नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना की जाएगी जिसके माध्यम से शोध की संस्कृति को बेहतर बनाया जाएगा। भारत में शोधकर्ताओं को बढ़ावा देने के लिए नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना की जाएगी जिसमें नई नई रिसर्च करके देश की प्रगति पर काम किया जाएगा।

NEP के अंतर्गत बोर्ड का महत्व:

परीक्षा का महत्व इस बोर्ड के अंतर्गत घटाया गया है ताकि बच्चों के अंतर्गत तनाव में कमी आए। बच्चों के तनाव को ध्यान में रखते हुए परीक्षाओं को दो भागों में आयोजित किया जाएगा ताकि ज्ञान बढ़ाने पर जोर दिया जाए।

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी प्रारंभिक शिक्षा के कुछ घटक:

  • प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल:- सर्वेक्षण के अनुसार बाल अवस्था में बच्चों में उनके मस्तिष्क का 85% भाग का विकास बच्चों की 6 वर्ष की आयु के दौरान हो जाता है। यह ऐसी स्थिति होती है जब शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए प्रारंभ के 6 वर्ष बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के अंतर्गत 6 वर्ष तक की आयु के बच्चों की महत्वपूर्ण बातों पर ध्यान देने का प्रावधान बनाया गया है ताकि बच्चों का संपूर्ण रूप से विकास हो सके।
  • बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता:- इस घटक में मुख्य रूप से साक्षरता एवं साधुओं की आत्मकथा के ज्ञान को विकसित करने के लिए निपुण योजना का संचालन किया जाएगा। निपुण योजना का पूरा नाम नेशनल इनीशिएटिव फॉर प्रोफिशिएंसी इन रीडिंग विद अंडरस्टैंडिंग एंड न्यूमरसी है। इस योजना के अंतर्गत आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता का ज्ञान छोटे बच्चों को तीसरी कक्षा के अंत तक पूरी तरह से प्रदान किया जाएगा जिससे वह पढ़ने लिखने एवं अंक गणित सीखने की क्षमता हासिल कर पाए।
  • ड्रॉपआउट रेट कम करना तथा सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करना:- इस योजना के तहत शिक्षा प्रणाली लछिया बनाया जाएगा ताकि पालिसी आरंभ करने का मुख्य उद्देश्य ड्रॉपआउट रेट में कमी करना पूरा किया जा सके। इसकी मदद से आसानी से बच्चे शिक्षा प्राप्त करने में सक्षम हो सकेंगे और वह उन विषयों का चयन कर सकेंगे जो भी पढ़ना चाहते हैं। नई शिक्षा नीति में चुनाव के विकल्प को पूरी तरह से लचीला बनाया गया है ताकि ड्रॉपआउट रेट में कमी लाई जा सके।
  • 5+3+3+4 का स्कूली पाठ्यक्रम:- नई शिक्षा नीति के अंतर्गत शिक्षा की रूपरेखा को 5+3+3+4 के स्कूली पाठ्यक्रम के रूप में तैयार किया जाएगा। इसके अंतर्गत 3 से 8, 8 से 11, 11 से 14 तथा 14 से 18 वर्ष की उम्र के बच्चे शिक्षा प्राप्त करने में सक्षम होंगे। इस प्रक्रिया के अंतर्गत प्री स्कूल के 3 साल तथा प्राथमिक स्कूल की पहली एवं दूसरी कक्षा और कक्षा 3 से 5 तथा कक्षा 6 से 8 एवं कक्षा 9 से 12 शामिल है। इस रूपरेखा के अनुसार विद्यार्थियों का समग्र विकास करने की तैयारी की गई है।
  • विशेष प्रतिभा वाले एवं मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन:- नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए बढ़ावा दिया जाएगा ताकि उनका विकास हो सके। छात्रों को उनकी रूचि के अनुसार बेहतर मार्गदर्शन तथा प्रोत्साहन दिया जाएगा। पॉलिसी के अंतर्गत बच्चे अपनी प्रतिभा को पहचानने में शिक्षक की मदद से सक्षम बन पाएंगे।
  • सभी छात्रों के लिए शिक्षा सुनिश्चित करना:- देश के विकास के बावजूद भी शिक्षा सभी छात्रों तक नहीं पहुंच पा रही है नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के अंतर्गत यह महत्वपूर्ण उद्देश्य निर्धारित किया गया है कि सामाजिक न्याय एवं समानता सबको दी जा सके। इस योजना के तहत शिक्षा प्राप्त करना प्रत्येक बच्चे का बुनियादी अधिकार है इसलिए 14 वर्ष तक की आयु के लिए सरकार ने मुफ्त शिक्षा प्रदान करने का प्रावधान निर्धारित किया है। इस पॉलिसी के अंतर्गत ट्रांसजेंडर छात्रों को भी शिक्षा प्रदान करने के लिए महत्त्वपूर्ण दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी उच्च शिक्षा के कुछ घटक:

  • विश्वविद्यालय तथा महाविद्यालय में सुविधाओं को बेहतर बनाना.
  • शिक्षा संस्थानों का बेहतर विकास करना
  • विद्यार्थी का संपूर्ण विकास
  • विद्यार्थियों को सर्वोत्तम वातावरण तथा सहयोग देना
  • बेहतर शिक्षकों को विश्वविद्यालय में लाना
  • विद्यार्थियों को व्यवसायिक शिक्षा देना

New Education Policy के तहत दी जाने वाली सुविधाएं:

  • इस पॉलिसी के तहत बच्चों को मिड डे मील की गुणवत्ता बेहतर रूप से दी जाएगी.
  • स्कूल बैग का वजन कम करने के लिए क्लास का टाइम टेबल बनाया जाएगा.
  • बच्चों के होमवर्क पर ध्यान दिया जाएगा ताकि उन्हें ज्यादा देना बैठना पड़े.
  • Eshiksha को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि बच्चों तक घर बैठे पढ़ाई के साधन पहुंचाए जा सके

New Education Policy 2021 की विशेषताएं:

  • मानव संसाधन प्रबंधन मंत्रालय को शिक्षा मंत्रालय के नाम से जाना जाएगा.
  • पॉलिसी के अंतर्गत शिक्षा का सार्वभौमीकरण करके इसमें मेडिकल तथा लॉ की पढ़ाई भी शामिल नहीं की जाएगी.
  • शिक्षा के पैटर्न को बदलकर 5+3+3+4 कर दिया जाएगा.
  • व्यवसायिक परीक्षण इंटर्नशिप की प्रक्रिया छठी कक्षा से ही प्रारंभ हो जाएगी.
  • पहले विद्यार्थियों को कॉमर्स आर्ट तथा साइंस स्ट्रीम का चुनाव करके पढ़ाई करनी पड़ती थी परंतु अब ऐसा कुछ नहीं होगा अपनी इच्छा अनुसार बच्चा कोई भी विषय पढ़ सकेगा।
  • कोडिंग की शिक्षा भी छठी कक्षा से दी जाएगी।
  • स्कूल डिजिटल इंक्रिप्टेड किए जाएंगे।
  • इकॉन्टेंट को सभी क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा।
  • वर्चुअल लैब डिवेलप करने का कार्य किया जाएगा।

New Education Policy 2021 के चार चरण:

जैसा कि हम आपको बता चुके हैं नेशनल एजुकेशन पॉलिसी को चार चरणों में विभाजित किया गया है जिसके अनुसार एजुकेशन पॉलिसी का पैटर्न कुछ इस तरह से होगा जो सरकारी तथा प्राइवेट दोनों संस्थानों को मानना होगा।

  • फाउंडेशन स्टेट:- इस स्टेज के अंतर्गत भाषा कौशल तथा शिक्षण के विकास पर ध्यान दिया जाएगा यह स्टेज 3 से 8 साल तक के बच्चों के लिए होगी। 3 साल तक उन्हें प्रीस्कूल शिक्षा तथा 2 साल में कक्षा 1 और 2 बच्चों को पढ़नी होगी। 
  • प्रिपेटरी स्टेज:- 8 से 11 साल तक के बच्चे इसमें शामिल किए जाएंगे जो कक्षा 3 से 5 तक की पढ़ाई करेंगे। इस स्टेज पर बच्चों की भाषा तथा संख्या कौशल पर ध्यान दिया जाएगा और क्षेत्रीय भाषा भी पढ़ाई जाएगी।
  • मिडिल स्टेज:- कक्षा छठी से आठवीं तक के बच्चे इस स्टेज में आएंगे जिन्हें कोडिंग दिखाई जाएगी और व्यवसायिक परीक्षण के साथ-साथ इंटर्नशिप भी दी जाएगी। 
  • सेकेंडरी स्टेज:- नौवीं से 12वीं कक्षा तक के बच्चे सेकेंडरी स्टेज में सम्मिलित किए जाएंगे। वे अपनी पसंद का कोई भी सब्जेक्ट चेंज कर पढ़ाई कर सकते हैं। 

नई शिक्षा नीति 2021:- स्ट्रीम्स

new education policy के अंतर्गत बच्चों को स्ट्रीम का चुनाव नहीं करना पड़ेगा। वे अपना मनचाहा पाठ्यक्रम शंकर मनचाहा सब्जेक्ट पढ़ सकते हैं। उसी के अनुसार उनकी पढ़ाई की रूपरेखा तैयार की जाएगी और उसी हिसाब से आगे की पढ़ाई भी होगी।

  • B.ed अब 4 साल का:- B.Ed प्रोग्राम को अब 4 साल की अवधि का कर दिया गया है। साल 2030 तक शिक्षकों की न्यूनतम योग्यता 4 साल का B.Ed प्रोग्राम होना अनिवार्य है।
  • वोकेशनल स्टडीज पर फोकस:- भारत देश में केवल 5% छात्र ही वोकेशनल स्टडीज सीखते हैं इसी बात को ध्यान में रखते हुए छठी कक्षा से आठवीं कक्षा तक वोकेशनल स्टडी पर ध्यान दिया जाएगा। वोकेशनल स्टडी के अंतर्गत बागवानी, लकड़ी का काम, मिट्टी के बर्तन बनाना बिजली का काम इत्यादि शामिल किए गए हैं। 
  • मातृभाषा या फिर क्षेत्रीय भाषा में शिक्षा:- अंग्रेजी को इंटरनेशनल भाषा तो बना दिया गया है इसी वजह से विद्यार्थियों पर इस भाषा को जबरदस्ती थोपा जाता है जिसके चलते हुए अपनी पढ़ाई अधूरी भी छोड़ देते है। इस बात को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय भाषा में या मातृभाषा में बच्चों को बढ़ाने का प्रावधान रखा गया है। कक्षा पहली तथा दूसरी में बच्चों को मातृभाषा तथा क्षेत्रीय भाषा सिखाई जाएगी।
  • शिक्षकों की भर्ती:- इस पॉलिसी के आधार पर अगर किसी विद्यालय या विश्वविद्यालय में विभिन्न भाषाओं को बोलने वाली शिक्षकों की कमी है तो विशेष तौर पर विभिन्न भाषाओं को बोलने वाली शकों की भर्ती की जाएगी। इस प्रक्रिया के अंतर्गत रिटायर शिक्षकों को भी दोबारा मौका मिल सकता है।
  • विदेशी भाषा सिखाई जाने पर जोर:- नई शिक्षा नीति के अंतर्गत माध्यमिक विद्यालयों को विदेशी भाषा भी सिखाई जाएगी। वह अपनी पसंद की कोई भी विदेशी भाषा जैसे फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश, चाइनीस या जैपनीज आदि सीख सकते हैं।

MyNEP2020 प्लेटफार्म पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया:

  • MyNEP2020 के लिए जारी आधिकारिक वेबसाइट के होम पेज पर जाएं। 
  • होम पेज पर यह आपको रजिस्ट्रेशन का विकल्प दिखाई दे जाएगा।
  • रजिस्ट्रेशन के विकल्प पर क्लिक करते ही आपके सामने एक नया पेज खुलेगा जिसमें आपको निम्नलिखित जानकारी दर्ज करनी होगी।
    • फर्स्ट नेम
    • मिडल नेम
    • लास्ट नेम
    • जेंडर
    • डेट ऑफ बर्थ
    • मोबाइल नंबर
    • ईमेल आईडी
  • सभी जानकारी दर्ज करने के बाद रजिस्टर के बटन पर क्लिक कर दें आप का रजिस्ट्रेशन हो जाएगा।
  • इसके बाद अगर आप MYNEP2020 की आधिकारिक वेबसाइट में लॉगिन जाना चाहते हैं तो भी आपको होम पेज पर मौजूद लॉगइन के विकल्प पर क्लिक करना होगा। 
  • लॉगइन के बटन पर क्लिक करते ही एक नया पेज खुलेगा उसमें आपको अपना यूजरनेम पासवर्ड तथा कैप्चा कोड दर्ज करना होगा उसके बाद आप लॉगिन हो जाएंगे।

Contact Us:

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के बारे में जितनी जानकारी प्राप्त की जाए उतनी कम है। फिलहाल हमने काफी सारी जानकारी आपको प्रदान कर दी है इसके अलावा जो भी जानकारी आप प्राप्त करना चाहते हैं नीचे दिए गए ईमेल आईडी और कांटेक्ट नंबर पर आप संपर्क कर सकते हैं।

FAQ:

नेशनल वेकेशन पॉलिसी के कितने चरण है?

4

नई शिक्षा नीति 2021 के अंतर्गत कौन सी पढ़ाई पर ज्यादा फोकस किया जाएगा?

वोकेशनल

इस पॉलिसी के अंतर्गत कौन सी विदेशी भाषाएं सिखाई जाएंगी?

फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश, चाइनीस तथा जैपनीज

इस पॉलिसी के अंतर्गत स्कूली पाठ्यक्रम क्या होगा?

5+3+3+4

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