New Education Policy 2021: नेशनल एजुकेशन पालिसी, नई शिक्षा नीति PDF

हाल ही में मानव संसाधन प्रबंधन मंत्रालय द्वारा एजुकेशन पॉलिसी में कुछ नए बदलाव किए गए हैं और यह बदलाव प्रमुख डॉक्टर कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में किए गए हैं। उन बदलावों में New Education Policy से संबंधित कई सारे निर्णय लिए गए हैं जिसमें एजुकेशन पॉलिसी के नए उद्देश्य और विशेषताओं के बारे में बताया गया है। उन सभी बिंदुओं से संबंधित जानकारी आज हम आपके सामने लेकर आए हैं जिनके बारे में हम आपको इस लेख में बताएंगे जानकारी प्राप्त करने के लिए लेख को अंतत जरूर पढ़ें।

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Table of Contents

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (New Education Policy) क्या है?

कोरोना की वजह से स्कूल और कॉलेज भले ही बंद हो लेकिन शिक्षा नीति की आवश्यकता पड़ती ही है। भारत सरकार द्वारा New Education Policy आरंभ की गई है जिसके अंतर्गत कई सारे मुख्य बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों को नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत साल 2030 तक शिक्षा में 100% सुधार करने के लिए तैयार किया गया है। इस पॉलिसी के अंतर्गत पूर्व विद्यालय से लेकर माध्यमिक विद्यालय तक की शिक्षा को पहले 10+2 के पैटर्न के साथ फॉलो किया जाता था लेकिन हाल ही में नई शिक्षा नीति के अनुसार इसे बदल कर 5+3+3+4 के नए पैटर्न के रूप में घोषित किया गया है।

New Education Policy के अंतर्गत आरंभ किया गया एक लाइव डैशबोर्ड:

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 की सफलता को लाइव मॉनिटर करने के लिए जून 2021 से एक लाइव डैशबोर्ड का इस्तेमाल प्रारंभ कर दिया गया है। उस डैशबोर्ड के माध्यम से इस पूरी पॉलिसी के क्रियान्वयन की प्रक्रिया पर निर्देशकों द्वारा निगरानी रखी जाएगी।

योजना के जारी करने के बाद कॉलेज एवं विश्वविद्यालय के स्तर पर भी नीति में बदलाव लागू करने पर काम किया जाएगा। शिक्षा की नीति के अंतर्गत 181 विभिन्न कार्यों की पहचान मंत्रालय द्वारा की गई है जिसमें मुख्य रुप से स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में ऑप्शनल सब्जेक्ट, रीजनल लैंग्वेज बेस्ट एजुकेशन और साथ में यूनिवर्सिटी डिग्री में प्रवेश एवं निकासी की सुविधा तथा क्रेडिटबैंक सिस्टम आदि सम्मिलित किए गए हैं। 

इन बदलावों में कर्नाटका उत्तर प्रदेश महाराष्ट्र तथा गोवा सरकार द्वारा एक टास्क फोर्स का गठन भी किया गया है। जिनका काम NEP 2020 के कार्यान्वयन और संबंधित चुनौतियां का अध्ययन करना होगा। इसी के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय मासिक तथा त्रैमासिक आधार पर लाइव चलने वाले डैशबोर्ड की पूरी निगरानी करेगी और हर कार्य की एक समय सीमा निर्धारित की जाएगी जिसकी संपूर्ण जानकारी राज्य की सभी एजेंसियों तक पहुंचाई जाएगी।

New Education Policy इंप्लीमेंटेशन एंड रिव्यू कमिटी:

नेशनल एजुकेशन मंत्रालय द्वारा एक इंप्लीमेंटेशन और रिव्यू कमेटी तैयार की जाएगी। इस कमेटी को हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट में मौजूद अधिकारियों द्वारा संचालित किया जाएगा। 

New Education Policy की सफलता के मूल्यांकन के लिए इस कमेटी को इंप्लीमेंट किया जाएगा। इसी के साथ साथ क्रेडिटबैंक प्रणाली तथा आईआईटी को पूरी तरह से बहू बेशक संस्थान में परिवर्तित करने के लिए भी एक नई टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। अगर किसी राज्य एवं जिला स्तर के अधिकारियों द्वारा इस योजना के क्रियान्वयन में जरा सा भी विलंब होगा तो उसका जवाब उन्हें देना होगा।

आर्टिकल किसके बारे में है नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2021
किस ने लांच की स्कीम भारत सरकार
लाभार्थी भारत के नागरिक
आर्टिकल का उद्देश्य इस पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य शिक्षा का सार्वभौमीकरण करना है तथा भारत को वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाना है।
ऑफिशियल वेबसाइट यहां क्लिक करें
साल 2021
स्कीम उपलब्ध है या नहीं उपलब्ध

विश्वविद्यालय एवं कॉलेजों के पाठ्यक्रमों में होगा एनसीसी कोर्स शामिल:

नई शिक्षा नीति के अनुसार विद्यार्थियों को एनसीसी को प्रोत्साहन देने का प्रावधान भी किया गया है। इस प्रावधान को ध्यान में रखते हुए यूजीसी एवं एनआईसीटी द्वारा एनसीसी को विश्वविद्यालय में एक एडिशनल सब्जेक्ट के रूप में चुनने का निर्णय लिया गया है। इन सभी बातों की जानकारी एनसीसी निदेशालय के कमांडिंग अफसर द्वारा सभी विश्वविद्यालयों तथा टेक्निकल संस्थानों तक पहुंचाई गई है। इस कोर्स के बारे में विस्तृत जानकारी कमांडिंग ऑफिसर द्वारा प्रोजेक्शन एवं ब्रीफिंग द्वारा प्रदान की गई है।

कमांडिंग ऑफिसर द्वारा साल 2021-22 के पाठ्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों में एनसीसी को एक विषय के तौर पर पढ़ाया जाएगा जो कि एडिशनल होगा। इस विषय को पढ़ने वाले छात्रों को एनसीसी कैडेट के रूप में दाखिला दिया जाएगा तथा क्रेडिट बी और सी प्रमाण पत्र के साथ-साथ शैक्षणिक क्रेडिट भी उन्हें दिया जाएगा। इसके साथ-साथ विभिन्न केंद्र एवं राज्य सरकार की योजना के तहत प्रदान की जाने वाली रोजगार सुविधाएं भी उन्हें दी जाएंगी।

New Education Policy के साथ सार्थक योजना का हुआ शुभारंभ:

शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए सरकार निरंतर कड़े प्रयास करती रहती है। सरकार समय-समय पर विभिन्न प्रकार के बदलाव शिक्षा की नीति में लाती है ताकि शिक्षा को और बेहतर बनाया जा सके। new education policy का कार्यान्वयन सफलतापूर्वक शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशांक द्वारा चलाया जा रहा है ताकि छात्रों एवं शिक्षकों को (समग्र विकास) सार्थक योजना से भी जोड़ा जाए। विभिन्न पक्ष कार जैसे कि राज्य केंद्र शासित प्रदेश सभी से विचार विमर्श करने के बाद उनके सुझावों के आधार पर तैयार की गई सार्थक योजना को शिक्षा मंत्रालय द्वारा नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के साथ जोड़ा गया है। 

MYNEP2020 प्लेटफार्म का शुभारंभ:

केंद्रीय मंत्री श्री रमेश पोखरियाल निशांक ने एनसीटीई प्लेटफार्म को आधार बनाकर MYNEP2020 का शुभारंभ किया है। इस प्लेटफार्म को एक अप्रैल 2021 से लेकर 15 मई 2021 तक कार्यशील रखा जाएगा। इस प्लेटफार्म की मदद से नेशनल प्रोफेशनल स्टैंडर्ड फॉर टीचर एवं नेशनल मिशन फॉर मेंटरिंग प्रोग्राम मेंबरशिप का विकास करने के लिए एक नया ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा। उस ड्राफ्ट में सभी हिट धारकों की मदद से सुझाव इनपुट तथा सदस्यता आमंत्रित करने का काम किया जाएगा। 

New Education Policy 2021 का उद्देश्य:

भारत में प्रारंभ की गई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के वैश्विक स्तर को बेहतर बनाना है ताकि भारत एक वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बन सके। new education policy के माध्यम से शिक्षा का संपूर्ण सार्वभौमीकरण किया जाएगा। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2021 के माध्यम से सरकार ने पुरानी एजुकेशन पॉलिसी के अंतर्गत कई सारे नए संशोधन करके इसे नए रूप से तैयार किया है। इस पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना और उसे बेहतर बनाना है ताकि विद्यार्थी अच्छी शिक्षा प्राप्त कर अपना भविष्य सुधार सकें।

एजुकेशन पॉलिसी के सिद्धांत:

  • इस पॉलिसी के तहत बच्चे की क्षमता पहचान कर उसकी क्षमता का विकास किया जाएगा।
  • बच्चों के अंदर साक्षरता एवं संख्यात्मकता के ज्ञान का विस्तार किया जाएगा
  • शिक्षा को पहले से सरल और लचीला बनाया जाएगा।
  • सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली में निवेश किया जाएगा
  • गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का विकास
  • उत्कृष्ट स्तर पर शोध
  • बच्चों को सुशासन सिखाना तथा सशक्तिकरण करना
  • शिक्षा नीति को पारदर्शी बनाना
  • मूल्यांकन पर जोर देना
  • विभिन्न प्रकार की भाषाएं सिखाना
  • बच्चों की सोच को क्रिएटिव और तर्कपूर्ण बनाना

सार्थक योजना से संबंधित कुछ मुख्य जानकारी:

  • सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति के लिए 1 साल के क्रियान्वयन की योजना तैयार की गई है।
  • शिक्षा नीति के कार्य एवं गतिविधियों को परिभाषित करने के लिए सार्थक योजना तैयार की गई है।
  • जिसके अंतर्गत शिक्षा नीति के लक्ष्य परिमाण और समय सीमा उपस्थित होंगे।
  • इस योजना की मदद से सभी केंद्र शासित प्रदेशों एवं राज्य को नई शिक्षा नीति समझाने में मदद मिलेगी।
  • स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा सार्थक योजना की पूरी रूपरेखा तैयार की गई है।
  • देश की आजादी के 75 वर्ष पूरे हो गए हैं इसकी खुशी मनाते हुए अमृत महोत्सव के अंतर्गत इस योजना का शुभारंभ किया गया है।
  • सरकार द्वारा जारी की गई है योजना पूरी तरह से संवादात्मक लचीली तथा समावेशी होगी।
  • इस योजना में यह निर्धारण किया जाएगा कि राज्य नई शिक्षा नीति में जरूरत के हिसाब से बदलाव करती रहे।

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी विवरण:

  • नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत शिक्षकों के लिए व्यवसायिक विकास आवश्यक कर दिया गया है जिसके अंतर्गत दीक्षा प्लेटफार्म पर 50 घंटे का मॉडल लांच किया जाएगा। इस तैयार मॉड्यूल के अंतर्गत 4 से 5 घंटे के 18 मॉड्यूल शामिल किए जाएंगे। जिनके माध्यम से शिक्षकों के लिए विभिन्न सर्विस ट्रेनिंग आयोजित की जाएगी। मॉड्यूल की मदद से प्राथमिक शिक्षा के सभी पहलुओं को कवर किया जाएगा।
  • राशि मिशन के अंतर्गत फाउंडेशन लिटरेसी एंड न्यूमरस मिशन को शिक्षा मंत्रालय द्वारा मंजूरी दे दी गई है।
  • सरकार द्वारा दीक्षा प्लेटफार्म की मदद से ई लर्निंग का भी विस्तार किया गया है जिससे छात्रों को ई कंटेंट घर बैठे उपलब्ध कराया जाएगा।
  • New Education Policy के अंतर्गत छात्रों की मानसिक स्वास्थ्य को भी महत्व देकर एक इनीशिएटिव लांच किया गया है जिसका नाम है मनु दर्पण। जिसके माध्यम से छात्रों को परामर्श तथा भावनात्मक सहायता प्रदान करने का काम किया जाएगा। इस मनु दर्पण इनिशिएटिव के अंतर्गत नेशनल लेवल डायरेक्टरी एंड डाटाबेस ऑफ काउंसलर्स, टोल फ्री नंबर तथा ऑनलाइन चैट की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
  • एनसीईआरटी ने भारतीय संकेत भाषा अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र के साथ मिलकर एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है जिसमें स्कूल शिक्षा के लिए भारतीय संकेतिक भाषा का शब्द कोष तैयार किया जाएगा। 
  • नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत सीबीएसई परीक्षा में चरणबद्ध तरीके से सुधार किए जा रहा है। किए जाने वाले सभी सुधार 2021 में लागू किए जाएंगे। एकेडमिक ईयर 2021-22 के प्रारंभ में ही गणित तथा हिंदी अंग्रेजी तथा संस्कृत दो स्तरों में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही दसवीं और बारहवीं कक्षा की बोर्ड की परीक्षा के दौरान योगदान आधारित प्रश्नों में बढ़ोतरी की जाएगी। योगदान आधारित प्रश्नों का चयन बोर्ड की परीक्षा में प्रारंभ किया जा चुका है जिसे प्रतिवर्ष 10% तक बढ़ाया जाएगा। 

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी में समग्र शिक्षा में प्री प्राइमरी भी होगी शामिल:

शिक्षा मंत्रालय ने स्कूलों की राष्ट्रीय शिक्षा नीति का सफलतापूर्वक कार्यान्वयन करने के लिए यह निर्णय भी लिया है कि समग्र शिक्षा के अंतर्गत अगले वर्ष से प्री प्राइमरी को भी जोड़ा जाएगा। कोरोनावायरस के संक्रमण के दौरान लगातार बच्चों की ऑनलाइन क्लासेस चल रही हैं जिस को मजबूत बनाए जाने का प्रयास लगातार किया जा रहा है। सभी राज्यों से समग्र शिक्षा के अंतर्गत प्रस्ताव भेजने का स्वभाव भी शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी किया गया है। जल्द ही शिक्षा मंत्रालय सीबीएसई, एनसीईआरटी और एनसीटीई के साथ उच्च स्तरीय बैठक आयोजित करके शिक्षा में लाए गए नए बदलावों का फैसला करेंगे। 

स्कूल बैग तथा होमवर्क किया जाएगा कम:

new education policy के अंतर्गत यह फैसला भी लिया गया है कि पहली से दसवीं कक्षा के बच्चों का स्कूल बैग 10% ही हो। अधिक वजन की किताब की किताबें बच्चों के बैग में नहीं होनी चाहिए तथा व्हील कैरियर बैग का चलन बच्चों के लिए बिल्कुल बंद किया जाएगा। क्योंकि व्हील कैरियर वाले बैग की वजह से बच्चों को चोट लगने का खतरा ज्यादा रहता है इसलिए हर स्कूल में डिजिटल वेइंग मशीन भी रखी जाएगी। ताकि बच्चों के द्वारा लाए जाने वाले स्कूल बैग का वजन मॉनिटर किया जा सके। एडजेस्टेबल रैक के साथ बच्चों का बैग पूरी तरह से प्रॉपर कंपार्टमेंट वाला होना चाहिए ताकि वह काफी हल्का हो और इस बात का ध्यान स्कूलों को रखना होगा।

छात्र की वित्तीय सहायता:

नई शिक्षा नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल का भी विस्तार किया गया है जिसके माध्यम से छात्रों को वित्तीय सहायता देने का काम किया जाएगा। ताकि बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया जा सके और उनकी प्रगति हो। सरकारी स्कूलों के साथ-साथ प्राइवेट एजुकेशनल इंस्टिट्यूट को भी इस योजना के तहत प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि वह बच्चों को छात्रवृत्तियां प्रदान करें। 

आईआईटी बहू विषयक संस्थान बनाए जाएंगे:

मानविकी छात्रों के लिए नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के अंतर्गत आईआईटी जैसे इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश प्रारंभ किए जाएंगे और साथ ही आईआईटी बाहु विषयक शिक्षा की ओर भी आगे बढ़ाया जाएगा। 

विदेशी छात्रों के लिए अंतरराष्ट्रीय छात्र कार्यालय:

New Education Policy के अंतर्गत अच्छी शिक्षा प्रदान करने वाले वैश्विक अध्ययन स्थल के रूप में भारत को बढ़ावा दिया गया है इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक स्थान में विदेशी छात्रों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए एक अंतरराष्ट्रीय छात्र कार्यालय की स्थापना की जाएगी। 

नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना:

नई शिक्षा पॉलिसी के अंतर्गत नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना की जाएगी जिसके माध्यम से शोध की संस्कृति को बेहतर बनाया जाएगा। भारत में शोधकर्ताओं को बढ़ावा देने के लिए नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना की जाएगी जिसमें नई नई रिसर्च करके देश की प्रगति पर काम किया जाएगा।

NEP के अंतर्गत बोर्ड का महत्व:

परीक्षा का महत्व इस बोर्ड के अंतर्गत घटाया गया है ताकि बच्चों के अंतर्गत तनाव में कमी आए। बच्चों के तनाव को ध्यान में रखते हुए परीक्षाओं को दो भागों में आयोजित किया जाएगा ताकि ज्ञान बढ़ाने पर जोर दिया जाए।

New Education Policy प्रारंभिक शिक्षा के कुछ घटक:

  • प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल:- सर्वेक्षण के अनुसार बाल अवस्था में बच्चों के मस्तिष्क का 85% विभाग 6 वर्ष की आयु तक हो जाता है। यह ऐसी स्थिति होती है जब शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए प्रारंभ के 6 वर्ष बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के अंतर्गत 6 वर्ष तक की आयु के बच्चों पर खास ध्यान देने का प्रावधान बनाया गया है ताकि बच्चों का संपूर्ण रूप से विकास हो सके।
  • बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता:- इस घटक मैं मुख्य रूप से साक्षरता एवं साधुओं की आत्मकथा के ज्ञान को विकसित करने के लिए निपुण योजना का संचालन किया जाएगा। निपुण योजना का पूरा नाम नेशनल इनीशिएटिव फॉर प्रोफिशिएंसी इन रीडिंग विद अंडरस्टैंडिंग एंड न्यूमरसी है। इस योजना के अंतर्गत आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता का ज्ञान छोटे बच्चों को तीसरी कक्षा के अंत तक पूरी तरह से प्रदान किया जाएगा जिससे वह पढ़ने लिखने एवं अंक गणित सीखने की क्षमता हासिल कर पाए।
  • ड्रॉपआउट रेट कम करना तथा सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करना:- इस योजना के तहत शिक्षा प्रणाली लछिया बनाया जाएगा ताकि पालिसी आरंभ करने का मुख्य उद्देश्य ड्रॉपआउट रेट में कमी करना पूरा किया जा सके। इसकी मदद से आसानी से बच्चे शिक्षा प्राप्त करने में सक्षम हो सकेंगे और वह उन विषयों का चयन कर सकेंगे जो भी पढ़ना चाहते हैं। नई शिक्षा नीति में चुनाव के विकल्प को पूरी तरह से लचीला बनाया गया है ताकि ड्रॉपआउट रेट में कमी लाई जा सके।
  • 5+3+3+4 का स्कूली पाठ्यक्रम:- नई शिक्षा नीति के अंतर्गत शिक्षा की रूपरेखा को 5+3+3+4 के स्कूली पाठ्यक्रम के रूप में तैयार किया जाएगा। इसके अंतर्गत 3 से 8, 8 से 11, 11 से 14 तथा 14 से 18 वर्ष की उम्र के बच्चे शिक्षा प्राप्त करने में सक्षम होंगे। इस प्रक्रिया के अंतर्गत प्री स्कूल के 3 साल तथा प्राथमिक स्कूल की पहली एवं दूसरी कक्षा और कक्षा 3 से 5 तथा कक्षा 6 से 8 एवं कक्षा 9 से 12 शामिल है। इस रूपरेखा के अनुसार विद्यार्थियों का समग्र विकास करने की तैयारी की गई है।
  • विशेष प्रतिभा वाले एवं मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन:- नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए बढ़ावा दिया जाएगा ताकि उनका विकास हो सके। छात्रों को उनकी रूचि के अनुसार बेहतर मार्गदर्शन तथा प्रोत्साहन दिया जाएगा। पॉलिसी के अंतर्गत बच्चे अपनी प्रतिभा को पहचानने में शिक्षक की मदद से सक्षम बन पाएंगे।
  • सभी छात्रों के लिए शिक्षा सुनिश्चित करना:- देश के विकास के बावजूद भी शिक्षा सभी छात्रों तक नहीं पहुंच पा रही है नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के अंतर्गत यह महत्वपूर्ण उद्देश्य निर्धारित किया गया है कि सामाजिक न्याय एवं समानता सबको दी जा सके। इस योजना के तहत शिक्षा प्राप्त करना प्रत्येक बच्चे का बुनियादी अधिकार है इसलिए 14 वर्ष तक की आयु के लिए सरकार ने मुफ्त शिक्षा प्रदान करने का प्रावधान निर्धारित किया है। इस पॉलिसी के अंतर्गत ट्रांसजेंडर छात्रों को भी शिक्षा प्रदान करने के लिए महत्त्वपूर्ण दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।

New Education Policy उच्च शिक्षा के कुछ घटक:

  • विश्वविद्यालय तथा महाविद्यालय में सुविधाओं को बेहतर बनाना.
  • शिक्षा संस्थानों का बेहतर विकास करना
  • विद्यार्थी का संपूर्ण विकास
  • विद्यार्थियों को सर्वोत्तम वातावरण तथा सहयोग देना
  • बेहतर शिक्षकों को विश्वविद्यालय में लाना
  • विद्यार्थियों को व्यवसायिक शिक्षा देना

New Education Policy के तहत दी जाने वाली सुविधाएं:

  • इस पॉलिसी के तहत बच्चों को मिड डे मील की गुणवत्ता बेहतर रूप से दी जाएगी.
  • स्कूल बैग का वजन कम करने के लिए क्लास का टाइम टेबल बनाया जाएगा.
  • बच्चों के होमवर्क पर ध्यान दिया जाएगा ताकि उन्हें ज्यादा देना बैठना पड़े.
  • Eshiksha को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि बच्चों तक घर बैठे पढ़ाई के साधन पहुंचाए जा सके

New Education Policy 2021 की विशेषताएं:

  • मानव संसाधन प्रबंधन मंत्रालय को शिक्षा मंत्रालय के नाम से जाना जाएगा.
  • पॉलिसी के अंतर्गत शिक्षा का सार्वभौमीकरण करके इसमें मेडिकल तथा लॉ की पढ़ाई भी शामिल नहीं की जाएगी.
  • शिक्षा के पैटर्न को बदलकर 5+3+3+4 कर दिया जाएगा.
  • व्यवसायिक परीक्षण इंटर्नशिप की प्रक्रिया छठी कक्षा से ही प्रारंभ हो जाएगी.
  • पहले विद्यार्थियों को कॉमर्स आर्ट तथा साइंस स्ट्रीम का चुनाव करके पढ़ाई करनी पड़ती थी परंतु अब ऐसा कुछ नहीं होगा अपनी इच्छा अनुसार बच्चा कोई भी विषय पढ़ सकेगा।
  • कोडिंग की शिक्षा भी छठी कक्षा से दी जाएगी।
  • स्कूल डिजिटल इंक्रिप्टेड किए जाएंगे।
  • इकॉन्टेंट को सभी क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा।
  • वर्चुअल लैब डिवेलप करने का कार्य किया जाएगा।

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2021 के चार चरण:

जैसा कि हम आपको बता चुके हैं नेशनल एजुकेशन पॉलिसी को चार चरणों में विभाजित किया गया है जिसके अनुसार एजुकेशन पॉलिसी का पैटर्न कुछ इस तरह से होगा जो सरकारी तथा प्राइवेट दोनों संस्थानों को मानना होगा।

  • फाउंडेशन स्टेट:- इस स्टेज के अंतर्गत भाषा कौशल तथा शिक्षण के विकास पर ध्यान दिया जाएगा यह स्टेज 3 से 8 साल तक के बच्चों के लिए होगी। 3 साल तक उन्हें प्रीस्कूल शिक्षा तथा 2 साल में कक्षा 1 और 2 बच्चों को पढ़नी होगी। 
  • प्रिपेटरी स्टेज:- 8 से 11 साल तक के बच्चे इसमें शामिल किए जाएंगे जो कक्षा 3 से 5 तक की पढ़ाई करेंगे। इस स्टेज पर बच्चों की भाषा तथा संख्या कौशल पर ध्यान दिया जाएगा और क्षेत्रीय भाषा भी पढ़ाई जाएगी।
  • मिडिल स्टेज:- कक्षा छठी से आठवीं तक के बच्चे इस स्टेज में आएंगे जिन्हें कोडिंग दिखाई जाएगी और व्यवसायिक परीक्षण के साथ-साथ इंटर्नशिप भी दी जाएगी। 
  • सेकेंडरी स्टेज:- नौवीं से 12वीं कक्षा तक के बच्चे सेकेंडरी स्टेज में सम्मिलित किए जाएंगे। वे अपनी पसंद का कोई भी सब्जेक्ट चेंज कर पढ़ाई कर सकते हैं। 

नई शिक्षा नीति 2021:- स्ट्रीम्स:

New Education Policy के अंतर्गत बच्चों को स्ट्रीम का चुनाव नहीं करना पड़ेगा। वे अपना मनचाहा पाठ्यक्रम शंकर मनचाहा सब्जेक्ट पढ़ सकते हैं। उसी के अनुसार उनकी पढ़ाई की रूपरेखा तैयार की जाएगी और उसी हिसाब से आगे की पढ़ाई भी होगी।

  • B.ed अब 4 साल का:- B.Ed प्रोग्राम को अब 4 साल की अवधि का कर दिया गया है। साल 2030 तक शिक्षकों की न्यूनतम योग्यता 4 साल का B.Ed प्रोग्राम होना अनिवार्य है।
  • वोकेशनल स्टडीज पर फोकस:- भारत देश में केवल 5% छात्र ही वोकेशनल स्टडीज सीखते हैं इसी बात को ध्यान में रखते हुए छठी कक्षा से आठवीं कक्षा तक वोकेशनल स्टडी पर ध्यान दिया जाएगा। वोकेशनल स्टडी के अंतर्गत बागवानी, लकड़ी का काम, मिट्टी के बर्तन बनाना बिजली का काम इत्यादि शामिल किए गए हैं। 
  • मातृभाषा या फिर क्षेत्रीय भाषा में शिक्षा:- अंग्रेजी को इंटरनेशनल भाषा तो बना दिया गया है इसी वजह से विद्यार्थियों पर इस भाषा को जबरदस्ती थोपा जाता है जिसके चलते हुए अपनी पढ़ाई अधूरी भी छोड़ देते है। इस बात को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय भाषा में या मातृभाषा में बच्चों को बढ़ाने का प्रावधान रखा गया है। कक्षा पहली तथा दूसरी में बच्चों को मातृभाषा तथा क्षेत्रीय भाषा सिखाई जाएगी।
  • शिक्षकों की भर्ती:- इस पॉलिसी के आधार पर अगर किसी विद्यालय या विश्वविद्यालय में विभिन्न भाषाओं को बोलने वाली शिक्षकों की कमी है तो विशेष तौर पर विभिन्न भाषाओं को बोलने वाली शकों की भर्ती की जाएगी। इस प्रक्रिया के अंतर्गत रिटायर शिक्षकों को भी दोबारा मौका मिल सकता है।
  • विदेशी भाषा सिखाई जाने पर जोर:- नई शिक्षा नीति के अंतर्गत माध्यमिक विद्यालयों को विदेशी भाषा भी सिखाई जाएगी। वह अपनी पसंद की कोई भी विदेशी भाषा जैसे फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश, चाइनीस या जैपनीज आदि सीख सकते हैं।

MyNEP2020 प्लेटफार्म पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया:

  • MyNEP2020 के लिए जारी आधिकारिक वेबसाइट के होम पेज पर जाएं। 
  • होम पेज पर यह आपको रजिस्ट्रेशन का विकल्प दिखाई दे जाएगा।
  • रजिस्ट्रेशन के विकल्प पर क्लिक करते ही आपके सामने एक नया पेज खुलेगा जिसमें आपको निम्नलिखित जानकारी दर्ज करनी होगी।
    • फर्स्ट नेम
    • मिडल नेम
    • लास्ट नेम
    • जेंडर
    • डेट ऑफ बर्थ
    • मोबाइल नंबर
    • ईमेल आईडी
  • सभी जानकारी दर्ज करने के बाद रजिस्टर के बटन पर क्लिक कर दें आप का रजिस्ट्रेशन हो जाएगा।
  • इसके बाद अगर आप MYNEP2020 की आधिकारिक वेबसाइट में लॉगिन जाना चाहते हैं तो भी आपको होम पेज पर मौजूद लॉगइन के विकल्प पर क्लिक करना होगा। 
  • लॉगइन के बटन पर क्लिक करते ही एक नया पेज खुलेगा उसमें आपको अपना यूजरनेम पासवर्ड तथा कैप्चा कोड दर्ज करना होगा उसके बाद आप लॉगिन हो जाएंगे।

Contact Us:

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के बारे में जितनी जानकारी प्राप्त की जाए उतनी कम है। फिलहाल हमने काफी सारी जानकारी आपको प्रदान कर दी है इसके अलावा जो भी जानकारी आप प्राप्त करना चाहते हैं नीचे दिए गए ईमेल आईडी और कांटेक्ट नंबर पर आप संपर्क कर सकते हैं।

  •         Email Id- [email protected]
  •         Contact Number- 011- 20893267, 011-20892155

FAQ:

नेशनल वेकेशन पॉलिसी के कितने चरण है?

4

New Education Policy 2021 के अंतर्गत कौन सी पढ़ाई पर ज्यादा फोकस किया जाएगा?

वोकेशनल

New Education Policy के अंतर्गत कौन सी विदेशी भाषाएं सिखाई जाएंगी?

फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश, चाइनीस तथा जैपनीज

New Education Policy के अंतर्गत स्कूली पाठ्यक्रम क्या होगा?

5+3+3+4

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